आवाज बदलकर नहीं हो पाएगी धोखाधड़ी, श्रीधर वेम्बु ने दिया ‘वर्बल पासवर्ड’ का गुरुमंत्र

0
5

भारतीय टेक कंपनी जोहो के फाउंडर और सीईओ श्रीघर वेंबु ने इससे निपटने का एक सिंपल और असरदार तरीका सुझाया है। उन्होंने एक यूजर के पोस्ट को क्वोट करते हुए लिखा कि AI के दौर में वह समय आ गया है कि हम अपने जानने वालों के बीच वर्बल पासवर्ड सेट करें, ताकि कोई स्कैमर तकनीक का इस्तेमाल कर हमें ठग न सके।

दरअसल श्रीधर वेम्बु ने जिस यूजर के पोस्ट पर यह कमेट किया है, उसने एक चौंकाने वाली घटना X पर शेयर की थी। यूजर ने बताया कि उन्हें उनकी पत्नी की आवाज से फोन आया। उन्हें फोन पर कहा गया कि वे अपना पर्स भूल गई हैं और उन्हें पेट्रोल डलवाने के लिए क्रेडिट कार्ड की जरूरत है। यूजर ने शेयर किया है कि आवाज में हल्का सा फर्क था लेकिन वह सुनने में बिल्कुल उनकी पत्नी की आवाज लग रही थी।

उन्होंने आगे शेयर किया कि किस्मत से उस समय पत्नी उनके साथ घर पर हीं थी और अगर पत्नी सामने न होती, तो वह आसानी से इस फ्रॉड का शिकार बन सकते थे।

AI की मदद से इस तरह की होने वाली धोखाधड़ी को लेकर जोहो के फाउंडर श्रीधर वेम्बु ने लिखा कि अब समय आ गया है कि हम अपने करीबी और दोस्तों के साथ वर्बल पासवर्ड तय कर लें।

वेम्बु ने चिंता जाहिर करते हुए लिखा कि आज AI इतना एडवांस है कि असली-नकली का फर्क करना मुश्किल हो गया है। ऐसे में अगर कोई करीबी या दोस्त बनकर पैसे मांगता है, तो उससे पहले तय किया हुआ पासवर्ड पूछना चाहिए।

श्रीधर वेम्बु के मुताबिक हमें अपने माता-पिता, पार्टनर, बच्चों और दोस्तों के साथ वर्बल पासवर्ड के तौर पर ऐसे शब्द तय कर लेने चाहिए, जो कि आप उन्हें तब बताएंगे जब हम आपस में एक दूसरे से फोन कॉल या किसी दूसरे डिजिटल तरीके से पैसे मांगेंगे।
ऐसे में अगर आपको आपके दोस्त या परिवार के किसी सदस्य का कॉल आए और आपसे इमरजेंसी में पैसे मांगे जाएं, तो आप उनसे अपना तय किया हुआ पासवर्ड पूछ सकते हैं। यह कुछ भी हो सकता है, जो कि आपको आपके जानने वाले को याद रहे लेकिन कोई दूसरा इसके बारे में न जानता हो।अगर सामने वाला आपके पूछे जाने पर पासवर्ड न बता पाए, तो तुरंत कॉल को काट दें।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here