मेरठ में कोल्ड स्टोरेज का बायलर फटने से लिंटर गिरा, 5 की मौत 50 से 60 लोग मलबे में दबे

0
109
  • बीरेंद्र कुमार झा

उत्तर प्रदेश के मेरठ में दौराला थाना क्षेत्र में एक कोल्ड स्टोरेज के बॉयलर फटने से मकान का लिंटर गिर गया, जिससे इसके मलबे में दबकर अब तक 5 लोगों की मौत हो जाने और 50 से 60 लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका व्यक्त की जा रही है। इस कोल्ड स्टोरेज को बीएसपी के एक पूर्व विधायक का बताया जा रहा है। पुलिस और स्थानीय प्रशासन मिलकर यहां रेस्क्यू ऑपरेशन चला रहा है।

अमोनिया गैस का हो रहा रिसाव

पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार यह कोल्ड स्टोरेज बीएसपी के पूर्व विधायक चंद्रवीर सिंह का है। शुक्रवार दोपहर 3:30 बजे अचानक इस कोल्ड स्टोर का बायलर फट गया और इससे भवन के लिंटर के ढहने के साथ ही पूरे कोल्ड स्टोरेज में अमोनिया गैस का रिसाव होने लगा। गैस की चपेट में आकर 50 से 60 मजदूर बेहोश हो गए। हादसे की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय लोग वहां पहुंच गए और थाना को इस हादसे की सूचना दी। इसके बाद पुलिस और फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंची। बेहोश हुए मजदूरों को अस्पताल में भर्ती कराया जा रहा है। इस घटना से पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी की स्थिति मची हुई है।

अमोनिया से होने वाले नुकसान

वैसे तो सामान्य तौर पर अमोनिया गैस नुकसानदायक नहीं होती है, लेकिन ज्यादा मात्रा में अमोनिया गैस सूंघ ली जाए तो इससे जान तक जा सकती है। हवा में अमोनिया की मात्रा बढ़ने पर घुटन का एहसास होने लगता है। इसकी ज्यादा मात्रा होना गले, नाक और सांस की नली में जलन का कारण बन जाती है। लगातार इसके संपर्क में रहने पर त्वचा में जलन, आंख में स्थायी क्षति या अंधापन जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

अमोनिया गैस रिसाव होने पर सावधानियां

अमोनिया गैस पानी के साथ तेजी से क्रिया करती है, इसीलिए इसके संपर्क में आने पर आंख और चेहरे को काफी मात्रा में पानी से धोना चाहिए। यह पानी में तेजी से घुलने वाला पदार्थ है, इसलिए पानी से चेहरा धोने पर यह घुलकर शरीर से अलग हो जाती है और इसकी प्रतिक्रिया कम हो जाती है।

इससे पहले भी कई जगह हुई है अमोनिया गैस का रिसाव

मेरठ में कोल्ड स्टोरेज से लीक होने वाला अमोनिया गैस के रिसाव की यह घटना कोई पहली घटना नहीं है।अभी कुछ महीने पहले ही पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के नरेंद्रपुर इलाके में कोल्ड ड्रिंक कंपनी में अमोनिया गैस लीक होने से कुछ स्थानीय निवासी बीमार पड़ गए थे। । हमारे देश में तो यूनियन कार्बाइड की भोपाल स्थित एक अमेरिकी कंपनी में 1984 ईस्वी में गैस लीक कांड हुआ था, जिसमें सैकड़ों लोगों की जान असमय ही चली गई थी और हजारों लोग विकलांगता के शिकार हो गए थे।लेकिन इसके बावजूद देश में कोई संस्थान आपातकाल में गैस लीक या ऐसे किसी घटना से सबक नहीं लेता है और ऐसी घटनाएं दुहराती चली जाती है

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here