Bihar Flood 2026: बिहार में नदियों के बढ़े जलस्तर के बीच बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर बनी हुई है। आपदा प्रबंधन विभाग के 7 सितंबर 2026 के ताजा आंकड़ों के मुताबिक राज्य के 13 जिलों के 77 प्रखंडों और 438 ग्राम पंचायतों में करीब 29.13 लाख आबादी बाढ़ से प्रभावित हुई है।
गंगा समेत कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर
गंगा नदी पटना के गांधी घाट, पंडारक, दानापुर और बांका घाट पर अपने पिछले उच्चतम बाढ़ स्तर (HFL) से ऊपर बह रही है। गांधी घाट पर जलस्तर 50.57 मीटर दर्ज किया गया, जो पिछले HFL से 0.05 मीटर अधिक है। वहीं दानापुर में जलस्तर 52.63 मीटर और बांका घाट पर 49.47 मीटर दर्ज किया गया।
इसके अलावा गंगा दीघा, हाथीदह, भागलपुर, कहलगांव, बक्सर और मुंगेर में खतरे के निशान से ऊपर है। गंडक, कोसी, बूढ़ी गंडक, पुनपुन, बागमती और घाघरा नदियां भी कई स्थानों पर खतरे के निशान के ऊपर बह रही हैं।
238 सामुदायिक रसोई, 12 राहत शिविर
बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए 238 सामुदायिक रसोई केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। अब तक करीब 5.12 लाख लोगों को भोजन कराया जा चुका है। इसके अलावा 12 राहत शिविरों में 7,368 बाढ़ प्रभावित लोगों के रहने, भोजन और चिकित्सा की व्यवस्था की गई है।
सरकार की ओर से अब तक करीब 92,600 पॉलीथीन शीट और 19,100 ड्राई राशन पैकेट बांटे गए हैं। लोगों के सुरक्षित निष्क्रमण और आवागमन के लिए 1,740 नावें चलाई जा रही हैं।
राहत-बचाव के लिए NDRF-SDRF की टीमें तैनात
बाढ़ की स्थिति को देखते हुए SDRF की 27 और NDRF की 10 टीमें अलग-अलग जिलों में तैनात हैं। वहीं चिकित्सा शिविरों की संख्या भी बढ़ाकर 261 कर दी गई है।
पिछले एक दिन में राहत व्यवस्था का दायरा तेजी से बढ़ा है। 6 सितंबर को 190 सामुदायिक रसोई और 1,429 नावें संचालित थीं, जो 7 सितंबर को बढ़कर क्रमशः 238 और 1,740 हो गईं।
अगले दो दिन बारिश की संभावना
बिहार मौसम सेवा केंद्र ने अगले दो दिनों में राज्य के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश, जबकि कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई है। प्रशासन ने स्थिति पर लगातार निगरानी बनाए रखी है।
वहीं 7 सितंबर शाम 6 बजे गंडक का जलस्राव 1.14 लाख क्यूसेक और कोसी का 2.02 लाख क्यूसेक दर्ज किया गया। सोन नदी का जलस्राव 1.33 लाख क्यूसेक रहा और इसकी प्रवृत्ति बढ़ने की बताई गई है।

