Ganga River Flood: बिहार में नदियों के बढ़ते जलस्तर के कारण बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार राज्य के 13 जिलों के 74 प्रखंडों और 423 ग्राम पंचायतों में करीब 27.01 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं।
गंगा नदी पटना के गांधीघाट, पंडारक, दानापुर और बांका घाट में अपने पिछले उच्चतम बाढ़ स्तर (HFL) से ऊपर बह रही है। इसके अलावा गंडक, कोसी, बूढ़ी गंडक, पुनपुन, बागमती और घाघरा समेत कई नदियां भी अलग-अलग स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर हैं।
1602 नावें राहत-बचाव में जुटीं
बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोगों की मदद के लिए 226 सामुदायिक रसोई संचालित की जा रही हैं, जहां अब तक करीब 3.75 लाख लोगों को भोजन उपलब्ध कराया गया है। चार राहत शिविरों में 2505 लोगों के रहने, भोजन और इलाज की व्यवस्था की गई है।
लोगों के बीच करीब 81,100 पॉलीथीन शीट और 19,000 ड्राई राशन पैकेट बांटे जा चुके हैं। आवागमन और प्रभावित आबादी के निष्क्रमण के लिए 1602 नावें चलाई जा रही हैं। वहीं, राहत एवं बचाव कार्य के लिए 27 SDRF और 10 NDRF टीमें विभिन्न जिलों में तैनात हैं।
अगले दो दिन कैसा रहेगा मौसम?
बिहार मौसम सेवा केंद्र ने अगले दो दिनों में राज्य के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश और कुछ स्थानों पर भारी वर्षा की संभावना जताई है। प्रशासन नदियों के जलस्तर और बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
वहीं, 7 सितंबर सुबह 10 बजे गंडक बराज से 1,21,500 क्यूसेक, कोसी बराज से 1,98,150 क्यूसेक और इंद्रपुरी बराज से 1,33,134 क्यूसेक जलस्राव दर्ज किया गया।

