Gandak River Flash Flood Alert: तिब्बत क्षेत्र में ग्लेशियर झील विस्फोट (GLOF) की घटना के बाद बिहार में गंडक नदी के आसपास संभावित फ्लैश फ्लड को लेकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। मुख्यमंत्री स्तर के निर्देशों के तहत जिला प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है। मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने बुधवार को आपदा प्रबंधन विभाग में अधिकारियों के साथ बैठक कर हालात और तैयारियों की समीक्षा की।
मुजफ्फरपुर, पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण और वैशाली जिलों के जिलाधिकारियों एवं पुलिस अधीक्षकों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए तैयारियों का जायजा लिया गया। प्रशासन को निर्देश दिया गया है कि संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए राहत और बचाव की सभी व्यवस्थाएं पहले से तैयार रखी जाएं।
गंडक किनारे रातभर निगरानी, अधिकारियों को अलर्ट मोड में रहने का निर्देश
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि संभावित फ्लैश फ्लड को देखते हुए संवेदनशील क्षेत्रों पर लगातार नजर रखी जाए। जिला प्रशासन और जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को रातभर स्थिति की निगरानी करने को कहा गया है।
तटबंधों की सुरक्षा को लेकर भी विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। चौकीदारों और होमगार्ड जवानों के माध्यम से तटबंधों पर लगातार पेट्रोलिंग कराने को कहा गया है।
इसके साथ ही NDRF और SDRF की टीमों को भी अलर्ट मोड पर रहने का निर्देश दिया गया है, ताकि जलस्तर में अचानक बढ़ोतरी होने पर प्रभावित लोगों को बिना देरी सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा सके।
पश्चिम चंपारण में 5000 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया
संभावित फ्लैश फ्लड को देखते हुए पश्चिम चंपारण जिला प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में पहले से ही कार्रवाई शुरू कर दी है। जिलाधिकारी ने समीक्षा बैठक में बताया कि तटबंध के आसपास रहने वाले 5000 से अधिक लोगों को माइकिंग के जरिए जागरूक कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। यानी प्रशासन ने संभावित खतरे को देखते हुए लोगों की सुरक्षित निकासी पर पहले से ही फोकस कर दिया है।
7 कम्युनिटी किचन में 1,150 से ज्यादा लोगों को भोजन
पश्चिम चंपारण में सिर्फ लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने तक ही प्रशासन सीमित नहीं रहा। विस्थापित लोगों के लिए भोजन की भी व्यवस्था की गई है। जिले में फिलहाल 7 कम्युनिटी किचन संचालित किए जा रहे हैं, जिनके माध्यम से अब तक 1,150 से अधिक लोगों को भोजन कराया जा चुका है। प्रशासन की ओर से राहत केंद्रों और कम्युनिटी किचन के लिए स्थान पहले से चिन्हित किए गए हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर प्रभावित लोगों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
राहत केंद्रों पर मेडिकल टीम भी तैनात
संभावित बाढ़ की स्थिति में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी तैयारी की गई है। जिला प्रशासन ने राहत केंद्रों और कम्युनिटी किचन के साथ चिकित्सीय दलों को टैग कर दिया है। इसका मकसद किसी भी आपात स्थिति में लोगों को राहत के साथ तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है।

अभी स्थिति सामान्य, लेकिन जलस्तर बढ़ा तो तुरंत होगी निकासी
समीक्षा बैठक में संबंधित जिलाधिकारियों ने बताया कि फिलहाल स्थिति सामान्य बनी हुई है। हालांकि, जलस्तर में बढ़ोतरी की स्थिति से निपटने के लिए वैकल्पिक व्यवस्थाएं तैयार रखी गई हैं।
प्रशासन ने ऐसे स्थानों को चिह्नित कर लिया है जहां जरूरत पड़ने पर लोगों को तत्काल स्थानांतरित किया जा सके। संवेदनशील इलाकों में निगरानी और तटबंधों की पेट्रोलिंग लगातार जारी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्य सचिव की लोगों से अपील—घबराएं नहीं, अफवाहों से रहें दूर
मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने आम लोगों से पैनिक नहीं करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
लोगों से विशेष रूप से अपील की गई है कि वे सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से मिलने वाली अपुष्ट खबरों पर भरोसा न करें। किसी भी सूचना को आगे बढ़ाने से पहले उसके आधिकारिक स्रोत की पुष्टि जरूर करें।
SOP के मुताबिक पूरी तैयारी रखने का निर्देश
मुख्य सचिव ने सभी जिलाधिकारियों को Standard Operating Procedure (SOP) के अनुसार जरूरी तैयारियां समय पर पूरी करने को कहा है। संभावित फ्लैश फ्लड की स्थिति में राहत और बचाव अभियान को तेजी से संचालित करने के लिए संसाधनों की उपलब्धता, संबंधित विभागों के बीच समन्वय और संवेदनशील इलाकों की निगरानी को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं।
बैठक में आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव संतोष कुमार मल्ल, जल संसाधन विभाग के सचिव डॉ. चंद्रशेखर सिंह और आपदा प्रबंधन विभाग के संयुक्त सचिव अविनाश कुमार समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

