राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का कहना है कि जंतर मंतर पर आंदोलन सिस्टम की विफलता के कारण हुआ था। विशाखपत्तनम में चल रही अखिल भारतीय समन्वय बैठक के दौरान यह बात कही गई। मीटिंग की जानकारी देते हुए संघ ने बताया कि बैठक में जंतर मंतर आंदोलन को लेकर बात हुई।आरएसएस की ओर से सरकार को भी सलाह दी गई है कि जरूरी कदम उठाए जाएं। इसके अलावा संघ का कहना है कि समाज को भी अपने स्तर पर प्रयास करने चाहिए।आरएसएस नेता मुकुंद सीआर ने जंतर मंतर आंदोलन पर यह भी कहा कि डिस्ट्रक्शन से काम नहीं हो सकता। इसको पॉजिटिव रूप से हल करना चाहिए।
उन्होने कहा कि सरकार को भी युवाओं के कंसर्न को देखना चाहिए। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय संस्थानों और राज्य सरकारों के संस्थानों के सिस्टम में खामियों के चलते युवाओं में असंतोष है।उन्हें अपने भविष्य की चिंता हो रही है
इसलिए इसका समाधान करने की जरूरत है। इसके साथ ही उन्होंने आंदोलन के नाम पर किसी तरह की हिंसा न करने की अपील भी की। संघ नेता ने कहा कि किसी भी मसले का हल सकारात्मक पहल से ही होगा।इसके लिए समाज और सरकार को साथ आना होगा। जागरूकता बढ़ानी होगी और सिस्टम की खामियों को दूर करने के लिए प्रयास करने होंगे।
संघ नेता ने कहा कि बैठक में जनसंख्या संतुलन में बदलाव को लेकर भी बात हुई। उन्होंने कहा कि आज देश में युवाओं की आबादी अधिक है, लेकिन भविष्य में ऐसी स्थिति नहीं रहेगी।कुछ सालों बाद स्थिति बदलने लगेगी। उन्होंने कहा कि भारत जनसंख्या असंतुलन का सामना कर रहा है। इसके अलावा कुछ समुदायों की आबादी ज्यादा तेजी से बढ़ रही है, जबकि कुछ लोगों की कम हो रही है। मुकुंद सीआर ने बताया कि इस दौरान यह बात भी हुई कि कैसे देश में युवाओं पर नशे का प्रभाव बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि इस बात पर चर्चा हुई है कि कैसे युवाओं को सकारात्मकता के साथ सही दिशा में लाया जाए। उनके भविष्य की बात भी की जाए।
उन्होंने कहा कि इस बैठक में संघ प्रमुख की ओर से दिए गए पंच परिवर्तन के विचार पर बात हुई। इसके अलावा पारिवारिक मूल्य कैसे बनाए रखे जाएं, इस पर भी मंथन हुआ। आरएसएस के काम को कैसे विस्तार दिया जाए, इस पर चर्चा की गई।यही नहीं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे विषय पर भी बात हुई।इसके प्रभाव पर बात की गई और एक प्रजेंटेशन भी दिया गया।

