Trump on Strait of Hormuz: ट्रंप का बड़ा दावा- ‘होर्मुज पर 100% अमेरिकी कंट्रोल’, ईरान से मांगा मुआवजा

0
35

Trump on Strait of Hormuz: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर बड़ा दावा किया है। ट्रंप ने कहा है कि इस रणनीतिक समुद्री मार्ग पर अब अमेरिकी नौसेना का पूरा नियंत्रण है। इसके साथ ही उन्होंने ईरान से युद्ध और पुराने संघर्षों में हुए नुकसान को लेकर मुआवजे की मांग भी सामने रखी है।

ट्रंप ने यह बात अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर एक पोस्ट के जरिए कही। उनके बयान के बाद होर्मुज में समुद्री आवाजाही और अमेरिका-ईरान तनाव को लेकर चर्चा एक बार फिर तेज हो गई है।

‘होर्मुज से वही जहाज गुजरेंगे, जिन्हें अमेरिका अनुमति देगा’

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर ट्रंप ने दावा किया कि इस क्षेत्र में अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी बेहद मजबूत है। उन्होंने इसकी तुलना एक ‘स्टील की दीवार’ से करते हुए कहा कि अमेरिका तय करेगा कि किन जहाजों को इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से गुजरने की अनुमति दी जाएगी।

ट्रंप के मुताबिक, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर अमेरिकी नियंत्रण 100 फीसदी है। यह बयान ऐसे समय आया है जब इस इलाके में जहाजों की आवाजाही को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बना हुआ है।

ईरान से मुआवजे की मांग क्यों कर रहे हैं ट्रंप?

ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में ईरान की ओर से कथित तौर पर युद्ध के दौरान हुए नुकसान के लिए मुआवजे की मांग का जिक्र किया। इसके जवाब में उन्होंने कहा कि अगर ईरान नुकसान की भरपाई की बात कर रहा है तो अमेरिका भी उससे मुआवजा मांग सकता है।

ट्रंप ने अपने पोस्ट में ईरान पर अमेरिकी सैनिकों और अन्य लोगों की मौत तथा गंभीर चोटों के लिए जिम्मेदार होने का आरोप लगाया। उन्होंने पुराने सैन्य संघर्षों और हमलों का हवाला देते हुए कहा कि इन घटनाओं में प्रभावित परिवारों को भी मुआवजा मिलना चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने अपने प्रतिनिधियों को भविष्य में होने वाली बातचीत में इस मुद्दे को मजबूती से उठाने का निर्देश दिया है।

ईरान ने होर्मुज को लेकर क्या मांग रखी?

रिपोर्टों के मुताबिक, ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में समुद्री यातायात सामान्य करने के बदले अमेरिका से कई रियायतों की मांग की है। इनमें बड़ी आर्थिक राशि का भुगतान, अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी समाप्त करना और क्षेत्र से अमेरिकी सैन्य बलों की वापसी जैसी मांगें शामिल बताई गई हैं।

हालांकि, इन मांगों और दोनों पक्षों के बीच बातचीत को लेकर सामने आने वाली सूचनाओं को व्यापक संदर्भ में देखना जरूरी है, क्योंकि अमेरिका और ईरान की ओर से अलग-अलग दावे सामने आते रहे हैं।

दुनिया के लिए इतना अहम क्यों है Strait of Hormuz?

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री ऊर्जा मार्गों में शामिल है। फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ने वाला यह रास्ता वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति के लिए बेहद अहम माना जाता है।

इस क्षेत्र में सैन्य तनाव बढ़ने या जहाजों की आवाजाही बाधित होने की आशंका का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार पर पड़ सकता है। इसी वजह से होर्मुज को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव सिर्फ दोनों देशों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था और तेल बाजार पर नजरें टिक जाती हैं।

ट्रंप ने बातचीत को लेकर भी दिया संकेत

इससे पहले The Wall Street Journal की एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि ट्रंप अपने करीबी अधिकारियों के साथ इस संभावना पर चर्चा कर चुके हैं कि अगर ईरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में समुद्री यातायात को पूरी तरह बहाल करता है, तो अमेरिका परमाणु समझौते के बिना भी संघर्ष को समाप्त करने का रास्ता तलाश सकता है।

ऐसे में ट्रंप का ताजा बयान इस पूरे विवाद में एक नया मोड़ माना जा रहा है। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि होर्मुज में समुद्री आवाजाही कब पूरी तरह सामान्य होती है और अमेरिका-ईरान के बीच तनाव कम करने के लिए क्या कोई ठोस समझौता सामने आता है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here