JPSC-JSSC Protest: विधानसभा मार्च में बवाल, पुलिस ने किया लाठीचार्ज-आंसू गैस का इस्तेमाल; देवेंद्रनाथ महतो बोले- अब CM से होगी बात

0
7

JPSC-JSSC Protest: झारखंड में JPSC, JSSC समेत विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का आंदोलन सोमवार, 10 अगस्त को और तेज हो गया। बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी छात्र विधानसभा की ओर मार्च करने पहुंचे। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले दागे।

इस दौरान लंबे समय से भूख हड़ताल कर रहे JPSC-JSSC न्याय मंच के छात्र नेता देवेंद्रनाथ महतो भी एंबुलेंस के जरिए प्रदर्शन में पहुंचे। उन्होंने पुलिस कार्रवाई को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा और आंदोलन जारी रखने की बात कही।

विधानसभा मार्च के दौरान बिगड़े हालात

छात्रों की मुख्य मांगें JPSC, JSSC और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों और अनियमितताओं से जुड़ी हैं। अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शनकारी विधानसभा की ओर आगे बढ़ रहे थे।

पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए बैरिकेडिंग की थी। स्थिति तनावपूर्ण होने के बाद पुलिस की ओर से लाठीचार्ज और आंसू गैस के इस्तेमाल की बात सामने आई।

प्रदर्शन के दौरान देवेंद्रनाथ महतो भी एंबुलेंस में पहुंचे। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों के बावजूद वे छात्रों के आंदोलन का हिस्सा बने हैं।

‘सरकार डर गई है’, देवेंद्रनाथ महतो का हमला

देवेंद्रनाथ महतो ने सरकार पर छात्रों की आवाज दबाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के जन्मदिन के मौके पर छात्रों को लाठीचार्ज, वाटर कैनन और आंसू गैस का सामना करना पड़ रहा है।

उनका दावा है कि इस कार्रवाई से झारखंड की छवि को नुकसान पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार को छात्रों की समस्याओं का जवाब देना चाहिए और ऐसा कोई कदम नहीं उठाना चाहिए जिससे राज्य की प्रतिष्ठा प्रभावित हो।

महतो ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार आंदोलन के बढ़ते प्रभाव से दबाव में है और छात्रों की मांगों पर जवाब देने में असमर्थ नजर आ रही है।

‘अब सिर्फ मुख्यमंत्री से होगी बातचीत’

जब उनसे सरकार की ओर से किसी प्रतिनिधिमंडल के साथ बातचीत की संभावना के बारे में पूछा गया तो देवेंद्रनाथ महतो ने साफ कहा कि अब प्रतिनिधिमंडल के साथ बातचीत नहीं होगी। उन्होंने कहा कि आगे बातचीत मुख्यमंत्री स्तर पर होनी चाहिए या फिर छात्रों की मांगों को स्वीकार किया जाना चाहिए। महतो ने आंदोलनकारियों के हौसले का जिक्र करते हुए कहा कि वे पुलिस की कार्रवाई से पीछे हटने वाले नहीं हैं।

‘सरकार को कुर्सी बचानी है तो मांगें पूरी करे’

विधानसभा मार्च के दौरान देवेंद्रनाथ महतो ने राज्य सरकार को कड़े शब्दों में चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि अगर सरकार अपनी सत्ता बनाए रखना चाहती है तो छात्रों की मांगों पर जल्द फैसला लेना होगा। उनके मुताबिक छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई से आंदोलन और ज्यादा भड़क सकता है। उन्होंने विधानसभा के आसपास की गई कांटेदार तार वाली बैरिकेडिंग का भी विरोध किया और कहा कि इससे प्रदर्शनकारियों के बीच नाराजगी बढ़ी है।

‘यह आंदोलन अब जन-आंदोलन बन चुका है’

महतो ने दावा किया कि आंदोलन अब सिर्फ छात्रों तक सीमित नहीं रहा बल्कि धीरे-धीरे जन-आंदोलन का रूप ले चुका है। उन्होंने अपनी 9 दिन की भूख हड़ताल का जिक्र करते हुए कहा कि इसके बावजूद वे एंबुलेंस और स्ट्रेचर के सहारे विधानसभा मार्च में शामिल होने पहुंचे। उनका आरोप है कि सरकार छात्रों की आवाज सुनने के बजाय वाटर कैनन और आंसू गैस जैसे तरीकों का इस्तेमाल कर रही है। उन्होंने कहा कि छात्रों की मांगों का समाधान बातचीत और उचित कार्रवाई के जरिए होना चाहिए।

‘सरकार डरती है तो पुलिस को आगे करती है’

देवेंद्रनाथ महतो ने राज्य सरकार पर हमला बोलते हुए उसे ‘कायर’ तक कह दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि जब सरकार दबाव में आती है तो पुलिस को आगे कर दिया जाता है।

महतो के मुताबिक सरकार और छात्रों के प्रतिनिधियों के बीच पहले ही तीन दौर की बातचीत हो चुकी है। ऐसे में अब सरकार को छात्रों की मांगों पर ठोस फैसला लेना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन आगे भी जारी रहेगा और इसका राजनीतिक असर सरकार पर पड़ सकता है।

क्या है छात्रों का मुद्दा?

JPSC और JSSC समेत विभिन्न भर्ती परीक्षाओं को लेकर छात्र लंबे समय से कथित अनियमितताओं, परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और भर्ती से जुड़े मुद्दों पर आवाज उठा रहे हैं।

सोमवार का विधानसभा मार्च इसी आंदोलन की अगली कड़ी बताया जा रहा है। पुलिस कार्रवाई के बाद अब आंदोलनकारी छात्रों और सरकार के बीच टकराव और बढ़ने की संभावना है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here