साइबर सिक्योरिटी फर्म VulnCheck के रिसर्चर्स ने बताया कि चीन में बने राउटर के 20 से ज्यादा मॉडल में एक ‘बैकडोर’ यानी छुपी हुई खामी होती है। इस बैकडोर के जरिए राउटर बनाने वाली कंपनी या हैकर्स आपके पासवर्ड के बिना भी आपके वाई-फाई (Wi-Fi) और इंटरनेट कनेक्शन का एक्सेस पा सकते हैं। इससे आपका पर्सनल डेटा चोरी होने या आपके नेटवर्क को हैक किए जाने का खतरा बढ़ जाता है। इतना ही नहीं, इस बैकडोर की वजह से नेटवर्क पर मौजूद दूसरे डिवाइस को भी एक्सेस किया जा सकता है और उनसे कनेक्शन बन सकता है। ET Telecom की रिपोर्ट के अनुसार, VulnCheck के चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर जैकब बेन्स ने इस बैकडोर का पता लगाया है। उनके मुताबिक, Zbtlink और Wiflyer ब्रांड के दुनिया भर में बेचे जाने वाले Zbtlink के कई राउटर में यह बैकडोर मौजूद है। रिसर्चर्स ने इसे Endlessdoors नाम दिया है और इसके बारे में पहले कभी जानकारी नहीं दी गई थी।
बेन्स ने कंपनी की वेबसाइट पर एक ब्लॉग पोस्ट में कहा कि उनके द्वारा ढूंढा गया ‘बैकडोर’ हर 35 सेकंड में अपने-आप एक खास IP एड्रेस और चीन में रजिस्टर्ड डोमेन से संपर्क करता है। उन्होंने कहा कि जो कोई भी उन डोमेन को कंट्रोल करता है, वह राउटर पर अपना पूरा कंट्रोल कर सकता है और शायद उसी नेटवर्क पर मौजूद दूसरे डिवाइस का एक्सेस भी हासिल कर सकता है।
बेन्स ने कहा कि जो लोग यह राउटर मंगवाते हैं और अपने छोटे बिजनेस या होम ऑफिस के लिए इस्तेमाल करते हैं, उन्हें शायद इस बात का कोई अंदाजा नहीं होगा कि इससे इस तरह का एक्सेस मिल सकता है। बेन्स ने कहा कि अगर यह मेरे लैब में है, मेरी यूनिवर्सिटी की लैब में, तो आपने उन्हें सीधे अपनी लैब में बुला लिया है और वे अपनी मर्जी से नेटवर्क में कहीं भी घूम सकते हैं। इसकी क्षमताएं बहुत खतरनाक हैं।
बेन्स का अनुमान है कि दुनिया भर में ऐसे कम से कम 1,00,000 राउटर लगे हुए हैं। हालांकि उन्होंने कहा कि यह बताना मुमकिन नहीं है कि वे ठीक कहां हैं या अमेरिका में कितने चालू हैं। पश्चिमी सरकारों ने चेतावनी दी है कि चीन से जुड़े हैकर छोटे ऑफिस और होम ऑफिस के राउटर और दूसरे इंटरनेट डिवाइस का गलत इस्तेमाल करके नेटवर्क का एक्सेस हासिल कर सकते हैं, ताकि बाद में साइबर-जासूसी की जा सके।
बीजिंग लगातार साइबर-हमलों या साइबर-जासूसी को बढ़ावा देने या उसे अंजाम देने से इनकार करता रहा है। मार्च में फेडरल कम्युनिकेशंस कमीशन ने घोषणा की थी कि वह राष्ट्रीय सुरक्षा चिंताओं के कारण विदेश में बने नए कंज्यूमर राउटर के आयात पर रोक लगा रहा है। हालांकि बाद में एजेंसी ने कई गैर-चीनी कंपनियों को इससे छूट दे दी।
फरवरी में, टेक्सास राज्य ने कैलिफोर्निया स्थित राउटर बनाने वाली कंपनी TP-Link पर मुकदमा किया, जो एक चीनी कंपनी से अलग होकर बनी थी। आरोप था कि कंपनी ने बीजिंग को अमेरिकी ग्राहकों के डिवाइस का एक्सेस दिया, लेकिन कंपनी ने इस दावे का कंपनी का खंडन किया।
इस रिपोर्ट के बाद चीन में बने नेटवर्किंग इक्विपमेंट से जुड़े साइबर सिक्योरिटी खतरों को लेकर पश्चिमी देशों की चिंता और बढ़ गई है। पश्चिमी सरकारें कई सालों से चेतावनी देती रही हैं कि हैकर्स ऐसे डिवाइस का गलत इस्तेमाल कर सकते हैं। इसी को देखते हुए इस साल अमेरिकी रेगुलेटर्स ने विदेशी राउटर के इंपोर्ट पर रोक लगाने का कदम उठाया।

