पीएम सूर्य घर योजना ने देशभर में सौर ऊर्जा को लेकर नई क्रांति ला दी है। 13 फरवरी 2024 को इस योजना को 75,021 करोड़ रुपये के बजट से शुरू किया गया था। इस योजना के तहत मार्च 2027 तक 1 करोड़ घरों में रूफटॉप सोलर मुख्य लक्ष्य था। रिपोर्ट्स के अनुसार अभी तक 40 लाख से ज्यादा सिस्टम लगवाए जा चुके हैं, जिसे देखते हुए योजना का दूसरा चरण यानी कि PM Surya Ghar 2.0 की तैयारियां शुरू कर दी गई है।
इस चरण में लंबे समय तक सर्विस की उपलब्धता, ग्रुप और वर्चुअल नेट मीटरिंग के ऑप्शन और बैटरी स्टोरेज पर फोकस किया जाएगा।
कई बार देखा गया है कि सोलर पैनल लगाने वाली छोटी कंपनियां समय के साथ बंद हो जाती हैं। इससे उन लोगों को सर्विस नहीं मिल पाती जिन्होंने उन कंपनियों से सोलर सिस्टम लगवाया होता है।
पीएम सूर्य घर 2.0 में सरकार ऐसे नियम बनाने का सोच रही है, जिससे विक्रेताओं के लिए लंबे समय तक सर्विस देना जरूरी होगा।
इससे सोलर पैनल लगवाने वालों को उस सिस्टम की पूरी उम्र के लिए सर्विस मिल पाएगी।
पीएम सूर्य घर योजना 2.0 में उन लोगों का भी ध्यान रखा जाएगा, जिनके पास अपना घर या छत नहीं है।
इन लोगों के लिए ग्रुप और वर्चुअल नेट मीटरिंग को लाने की योजना बनाई जा रही है।
इससे एक ही शेयर्ड सोलर सिस्टम का फायदा कई घरों या अपार्टमेंट के लोग मिलकर उठा सकेंगे।
इससे हर किसी के लिए सोलर ऊर्जा का लाभ ले पाना संभव हो सकेगा।
PM सूर्य घर योजना के शुरुआती चरण में लागत कम रखने के लिए बैटरी स्टोरेज वाले सिस्टम को शामिल नहीं किया गया था।
हालांकि अब अब PM सूर्य घर योजना 2.0 के तहत बैटरी स्टोरेज की जरूरत को सरकार महसूस कर पा रही है।
इस चरण में सरकार विचार कर रही है कि बैटरी सिस्टम को लोगों के घरों में लगाया जाए, ट्रांसफॉर्मर के पास लगाया जाए या फिर बिजली कंपनियों के स्तर पर लगाया जाए।
कहने का मतलब है कि इस चरण में सरकार स्टोरेज वाले सोलर सिस्टम भी योजना में शामिल कर सकती है। गौर करने वाली बात है कि अभी तक इन सिस्टमों पर कोई सब्सिडी नहीं मिलती थी।
इस चरण में सरकार सोलर सिस्टम की डिजिटल मॉनिटरिंग भी लागू कर सकती है।
ऐसा योजना को ज्यादा पारदर्शी और भरोसेमंद बनाने के लिए किया जा सकता है।
इसके अलावा उपकरणो की क्वालिटी और आम जनता के लिए बैंक लोन के प्रोसेस को आसान बनाने पर काम किया जा रहा है।

