शिवजी को चढ़ने वाला बेलपत्र सेहत के लिए कैसे है फायदेमंद

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सावन का पवित्र महीना चल रहा है। भगवान शिव के भक्त सावन शुरू होते ही उनकी पूजा-अर्चना में लीन हो जाते हैं। शिवजी को जल चढ़ाने के साथ ही बेलपत्र अर्पित करना बहुत शुभ माना जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि पूजा में इस्तेमाल होने वाला यह छोटा-सा बेलपत्र आपकी सेहत के लिए किसी वरदान से कम नहीं है? जी हां आपने बिल्कुल सही सुना। आयुर्वेद के साथ-साथ आधुनिक साइंस भी यह मानता है कि बेलपत्र की पत्तियों में औषधीय गुणों का खजाना छिपा हुआ है।

सावन के मौसम में बारिश की वजह से हवा में नमी बढ़ जाती है, जिससे हमारा पाचन तंत्र सुस्त पड़ जाता है और पेट से जुड़ी बीमारियां तेजी से फैलती हैं। ऐसे समय में सुबह-सुबह खाली पेट बेलपत्र चबाना शरीर के लिए बहुत फायदेमंद साबित होता है।

बेलपत्र खाने से शरीर को कई प्रकार के फायदे मिलते हैं, जिनमे फायदे बहुत ही महत्वपूर्ण है:

1. पेट के लिए: सावन के महीने में अक्सर लोगों को पेट भारी लगना, गैस बनना या एसिडिटी की शिकायत रहती है। बेलपत्र में मौजूद पोषक तत्व और कूलिंग प्रॉपर्टीज आपके पेट को अंदर से ठंडक पहुंचाती हैं।अगर आप सुबह खाली पेट 2 से 3 साफ बेलपत्र चबाकर खाते हैं, तो यह कब्ज और पेट दर्द जैसी समस्याओं को खत्म करने में मदद कर सकता है।

2. ब्लड शुगर:डायबिटीज मरीज के लिए बेलपत्र काफी मददगार साबित हो सकता है। इसमें ऐसे प्राकृतिक कंपाउंड पाए जाते हैं, जो शरीर में इंसुलिन के प्रोडक्शन को बेहतर बनाते हैं। नियमित रूप से बेलपत्र का सेवन करने से खून में ग्लूकोज का लेवल संतुलित रहता है।
3.इम्यूनिटी- बारिश के मौसम में
सर्दी, जुकाम, बुखार और इन्फेक्शन होना बहुत आम बात है।बेलपत्र में विटामिनसी, एंटीऑक्सीडेंट्स और एंटी-बैक्टीरियल गुण भरपूर मात्रा में होते हैं।यह आपके इम्यून सिस्टम यानी रोगों से लड़ने की क्षमता को मजबूत बनाता है, जिससे आप सावन के मौसम में होने वाले वायरस और इन्फेक्शन से बचे रहते हैं।

4. दिल- बेलपत्र में मौजूद पोटेशियम और एंटीऑक्सीडेंट्स ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने में मदद करते हैं। यह शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल के लेवल को कम करता है, जिससे दिल की धमनियों में रुकावट की संभावना घटती है और आपका दिल सेहतमंद रहता है।
5. शरीर की गंदगी बेलपत्र एक नेचुरल डिटॉक्सिफायर की तरह काम करता है. सुबह खाली पेट इसे खाने से शरीर के अंदर जमा सारे टॉक्सिन्स पेशाब और पसीने के रास्ते बाहर निकल जाते हैं.

बेलपत्र खाने का सही तरीका क्या है इसकी बात करें तो सबसे पहले 2-3 ताजे और मुलायम बेलपत्र लें। इन्हें साफ पानी से अच्छी तरह धो लें ताकि कोई धूल या कीड़ा न रहे।सुबह खाली पेट इन्हें मुंह में रखकर धीरे-धीरे चबाएं और ऊपर से एक गिलास ताजा या हल्का गुनगुना पानी पी लें। अगर आप इसे चबाकर नहीं खा सकते, तो पत्तों को पीसकर उसका रस निकालकर भी पी सकते हैं। ध्यान रखें कि बेलपत्र का सेवन सीमित मात्रा में ही करें. अगर आपको कोई गंभीर बीमारी है या आप डायबिटीज की भारी दवाइयां ले रहे हैं, तो इसे अपनी डाइट में शामिल करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें.

नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन में प्रकाशित रिसर्च के मुताबिक बेलपत्र के अर्क में भरपूर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-डायबिटिक गुण मौजूद होते हैं।यह शरीर में बढ़े हुए ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित करने और कोशिकाओं को सूजन से बचाने में बेहद असरदार है।

NIH की स्टडी के अनुसार, बेलपत्र में मौजूद तेल और एक्टिव कंपाउंड्स में मजबूत एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-कैंसर गुण पाए जाते हैं।यह मुंह के इन्फेक्शन, हानिकारक बैक्टीरिया और शरीर में फ्री-रेडिकल्स से होने वाले नुकसान से बचाने में मदद करते हैं।

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