सम्राट सरकार की बड़ी पहल : अब घर के पास ही विद्यार्थियों को मिलेगी प्लस टू तक की शिक्षा

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पटना: बिहार सरकार ने स्कूली शिक्षा को नई दिशा देने के उद्देश्य से एक महत्वाकांक्षी पहल शुरू की है। इस योजना के तहत राज्य के विद्यार्थियों को अब प्लस-टू तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा अपने ही क्षेत्र में उपलब्ध कराने की तैयारी की गई है। सरकार ने सभी प्रखंडों में ‘सरस्वती विद्या निकेतन’ के नाम से मॉडल स्कूल विकसित करने की दिशा में काम तेज कर दिया है, ताकि छात्रों को बेहतर शिक्षा के लिए दूर-दराज के शहरों का रुख न करना पड़े।

हर प्रखंड में आधुनिक सुविधाओं से लैस मॉडल स्कूल

सम्राट चौधरी सरकार की योजना के अनुसार राज्य के सभी प्रखंडों में चयनित उच्च माध्यमिक विद्यालयों को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित मॉडल स्कूल के रूप में विकसित किया गया है। इसके साथ ही जिला स्तर के विद्यालयों को भी इस पहल से जोड़ा गया है। कुल 544 विद्यालयों को इस योजना के तहत विकसित किया गया है, जबकि पहले से संचालित 155 राजकीय और राजकीयकृत विद्यालयों का भी चरणबद्ध तरीके से उन्नयन किया जाएगा।

स्कूल में ही होगी NEET और JEE की तैयारी

इन मॉडल स्कूलों की सबसे बड़ी विशेषता यह होगी कि विद्यार्थियों को नियमित पढ़ाई के साथ-साथ NEET और JEE जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी कराई जाएगी। इससे ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों के छात्रों को महंगी निजी कोचिंग पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा और उन्हें बेहतर प्रतिस्पर्धी माहौल मिलेगा।

स्मार्ट क्लास, डिजिटल लैब और आधुनिक शिक्षा व्यवस्था

सरस्वती विद्या निकेतन मॉडल स्कूलों में आधुनिक शिक्षा के लिए आवश्यक सभी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इनमें स्मार्ट क्लासरूम, डिजिटल स्क्रीन, विज्ञान प्रयोगशाला, आईसीटी लैब, समृद्ध पुस्तकालय और तकनीक आधारित शिक्षण व्यवस्था शामिल होगी। इसके अलावा छात्रों की शैक्षणिक प्रगति का नियमित मूल्यांकन करने के लिए साप्ताहिक परीक्षण आयोजित किए जाएंगे। जिन विद्यार्थियों को अतिरिक्त शैक्षणिक सहयोग की आवश्यकता होगी, उनके लिए विशेष रिमेडियल कक्षाओं की भी व्यवस्था रहेगी।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप पहल

सरकार का कहना है कि यह योजना राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के उद्देश्यों के अनुरूप तैयार की गई है। इसका लक्ष्य केवल विद्यालयों के भवनों का विकास करना नहीं, बल्कि शिक्षण की गुणवत्ता, डिजिटल शिक्षा, कौशल विकास और नवाचार आधारित शिक्षण पद्धति को भी मजबूत करना है।

शिक्षा व्यवस्था को मिलेगा नया आयाम

इस पहल का उद्देश्य माध्यमिक और उच्च माध्यमिक स्तर पर ऐसा सार्वजनिक शिक्षा मॉडल तैयार करना है, जो गुणवत्तापूर्ण, समावेशी और आधुनिक शिक्षा का उदाहरण बन सके। सरकार का मानना है कि मॉडल स्कूलों के माध्यम से राज्य के विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिलेगा और वे राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में भी अधिक प्रभावी ढंग से प्रतिस्पर्धा कर सकेंगे।

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