पटना: बिहार सरकार की पिछड़ा एवं अतिपिछड़ा वर्ग कौशल विकास योजना सामाजिक रूप से पिछड़े वर्गों के युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में प्रभावी साबित हो रही है। इस योजना के तहत वर्ष 2018 से अब तक 5,413 युवा-युवतियों को विभिन्न रोजगारपरक और उद्योग आधारित ट्रेड्स में प्रशिक्षण प्रदान किया जा चुका है। सरकार का उद्देश्य कौशल विकास के माध्यम से युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है।
आधुनिक ट्रेड्स में दिया जा रहा उद्योग आधारित प्रशिक्षण
योजना के अंतर्गत युवाओं को रोजगार की मांग के अनुरूप कई आधुनिक ट्रेड्स में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इनमें प्लंबिंग, इलेक्ट्रीशियन, कंप्यूटर एप्लीकेशन, ब्यूटी कल्चर, फैशन डिजाइनिंग, मशीनरी ऑपरेशन, वेल्डिंग और ड्राइविंग जैसे व्यावसायिक कोर्स शामिल हैं। इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों का उद्देश्य युवाओं को ऐसी तकनीकी दक्षता प्रदान करना है, जिससे वे निजी क्षेत्र, स्वरोजगार या अन्य रोजगार के अवसरों का लाभ उठा सकें।
राज्य के नौ केंद्रों पर चल रहा प्रशिक्षण
वर्तमान में राज्य के भागलपुर, मुंगेर, गोपालगंज, पूर्णिया, रोहतास, कटिहार और दरभंगा सहित कुल नौ प्रमुख प्रशिक्षण केंद्रों पर 370 प्रशिक्षु विभिन्न ट्रेड्स में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। प्रशिक्षण के दौरान केवल सैद्धांतिक जानकारी ही नहीं, बल्कि व्यावहारिक अभ्यास और इंटर्नशिप पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है, ताकि प्रशिक्षु प्रशिक्षण पूरा करने के बाद सीधे रोजगार के लिए तैयार हो सकें।
आत्मनिर्भरता और रोजगार पर सरकार का फोकस
योजना का मुख्य उद्देश्य अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) और अत्यंत पिछड़ा वर्ग (EBC) के युवाओं को कौशल आधारित शिक्षा देकर उन्हें रोजगार योग्य बनाना है। विभाग का मानना है कि यह पहल न केवल बेरोजगारी कम करने में मददगार साबित हो रही है, बल्कि सामाजिक और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को आत्मनिर्भर बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
बढ़ेंगे प्रशिक्षण केंद्र, जुड़ेंगे नए ट्रेड्स
सरकार अब इस योजना का दायरा और बढ़ाने की तैयारी में है। विभाग के अनुसार आने वाले समय में प्रशिक्षण केंद्रों की संख्या बढ़ाने के साथ-साथ उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप नए ट्रेड्स भी शामिल किए जाएंगे। इससे अधिक से अधिक युवाओं को प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है।
कौशल विकास योजना के विस्तार से उम्मीद की जा रही है कि आने वाले वर्षों में राज्य के हजारों और युवा रोजगारपरक प्रशिक्षण प्राप्त कर अपने करियर को नई दिशा दे सकेंगे।

