US-Iran Conflict: सातवें दिन भी जारी अमेरिकी हवाई हमले, ईरान ने ड्रोन मार गिराने और जवाबी कार्रवाई की दी चेतावनी

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US-Iran Conflict: मध्य पूर्व में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार गहराता जा रहा है। दोनों देशों के बीच बढ़ती सैन्य गतिविधियों ने क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर नई चिंताएं पैदा कर दी हैं। अमेरिकी सेना ने लगातार सातवीं रात ईरान के विभिन्न ठिकानों पर हवाई हमले किए, जबकि ईरान ने कई अहम सैन्य दावे करते हुए कड़ी प्रतिक्रिया देने की चेतावनी दी है।

सातवीं रात भी अमेरिका की एयरस्ट्राइक जारी

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, हालिया हवाई अभियान का उद्देश्य ईरान की सैन्य क्षमताओं को कमजोर करना है। यह कार्रवाई राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर की जा रही है। इससे पहले ट्रंप ने स्पष्ट संकेत दिया था कि यदि हालात की मांग हुई तो ईरान के रणनीतिक ठिकानों पर हमले और तेज किए जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा था कि जरूरत पड़ने पर जमीनी सैन्य कार्रवाई का विकल्प भी खुला रखा गया है।

ईरान का दावा—अमेरिकी MQ-9 रीपर ड्रोन किया गया नष्ट

अमेरिकी कार्रवाई के बीच ईरान ने दावा किया है कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने बुशेहर क्षेत्र के ऊपर उड़ रहे अमेरिकी MQ-9 रीपर ड्रोन को मार गिराया है। ईरानी सरकारी मीडिया और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के मुताबिक, लगभग 3.4 करोड़ डॉलर मूल्य का यह ड्रोन कुछ ही क्षणों में नष्ट कर दिया गया। हालांकि, अमेरिका की ओर से इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

हमले नहीं रुके तो होगा कड़ा जवाब: ईरान

ईरान के सर्वोच्च नेता के सलाहकार मोहसिन रज़ाई ने चेतावनी दी है कि यदि अमेरिकी हवाई हमले अगले कुछ दिनों तक जारी रहे तो ईरान बड़े पैमाने पर जवाबी सैन्य अभियान शुरू कर सकता है। ईरानी सेना ने यह भी कहा कि जिन देशों की भूमि या सैन्य अड्डों का इस्तेमाल अमेरिका अपने अभियानों के लिए करेगा, वहां मौजूद अमेरिकी कंपनियां और हित भी संभावित निशाने पर हो सकते हैं।

होर्मुज स्ट्रेट और अमेरिकी ठिकानों को लेकर बड़े दावे

ईरानी सरकारी टेलीविजन और तस्नीम समाचार एजेंसी ने दावा किया है कि होर्मुज स्ट्रेट के दक्षिणी हिस्से में दो तेल टैंकर विस्फोट के बाद आग की चपेट में आ गए। ईरान का कहना है कि उसने पहले ही जहाजों को इस समुद्री मार्ग से गुजरने को लेकर चेतावनी जारी की थी।

IRGC ने दावा किया कि मौजूदा सैन्य हालात के कारण होर्मुज स्ट्रेट अब सुरक्षित नहीं रह गया है। इसके अलावा ईरानी मीडिया ने यह भी दावा किया कि कुवैत और जॉर्डन में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल हमले किए गए, जिनमें जॉर्डन का मुवाफ़्फ़क साल्टी एयर बेस भी शामिल है।

हालांकि, इन सभी दावों की अभी तक किसी स्वतंत्र या आधिकारिक अंतरराष्ट्रीय स्रोत से पुष्टि नहीं हुई है।

ईरान के कई शहरों में विस्फोट की खबर

ईरानी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी हवाई हमलों का असर अब देश के कई हिस्सों तक पहुंच गया है। यज्द, फार्स प्रांत और खुज़ेस्तान के अहवाज शहर में कई धमाकों की सूचना सामने आई है। स्थानीय रिपोर्टों में इन इलाकों में मिसाइल हमलों का दावा किया गया है, हालांकि इन घटनाओं की भी स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हो सकी है।

क्षेत्र में बढ़ा तनाव, दुनिया की नजर हालात पर

अमेरिका और ईरान के बीच लगातार बढ़ती सैन्य गतिविधियों ने पूरे मध्य पूर्व में तनाव बढ़ा दिया है। यदि दोनों देशों के बीच टकराव और तेज होता है, तो इसका असर वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति, समुद्री व्यापार और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा पर भी पड़ सकता है। फिलहाल दुनिया की नजर दोनों देशों की अगली रणनीति और संभावित कूटनीतिक प्रयासों पर टिकी हुई है।

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