Bihar News: बिहार में लापरवाह डॉक्टरों पर सख्ती: बिना स्वीकृत अवकाश ड्यूटी से गैरहाजिर हुए तो होगा निलंबन, निजी अस्पताल रेफर करने पर भी कार्रवाई

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Bihar News: बिहार सरकार ने सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक जवाबदेह एवं पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। स्वास्थ्य विभाग के सचिव कुमार रवि ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि बिना स्वीकृत अवकाश के रोस्टर ड्यूटी से अनुपस्थित रहने वाले डॉक्टरों के खिलाफ निलंबन सहित विभागीय कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही मरीजों को अनावश्यक रूप से निजी अस्पतालों में भेजने या सरकारी ड्यूटी के दौरान निजी प्रैक्टिस करने वाले चिकित्सकों पर भी सख्त कार्रवाई होगी।

चार जिलों के अस्पतालों की हुई समीक्षा

गुरुवार को स्वास्थ्य विभाग के कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अरवल, भोजपुर, लखीसराय और सहरसा जिले के सरकारी अस्पतालों की कार्यप्रणाली की समीक्षा की गई। बैठक में अस्पतालों के ड्यूटी रोस्टर, सर्जरी सेवाओं, BHAVYA पोर्टल पर स्वास्थ्य सेवाओं की ऑनलाइन एंट्री और रेफरल सिस्टम का विस्तृत आकलन किया गया।

स्वास्थ्य सचिव ने सभी सिविल सर्जनों को निर्देश दिया कि अस्पतालों में ड्यूटी रोस्टर का पालन पूरी सख्ती से कराया जाए और किसी भी तरह की लापरवाही तुरंत विभाग के संज्ञान में लाई जाए।

निजी अस्पताल भेजने पर होगी कड़ी कार्रवाई

बैठक में स्वास्थ्य सचिव ने दो टूक कहा कि यदि जांच में यह पाया जाता है कि किसी डॉक्टर ने मरीज को बिना उचित कारण निजी अस्पताल भेजा है, तो संबंधित चिकित्सक के खिलाफ नियमानुसार कठोर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पतालों में मरीजों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

ड्यूटी के दौरान निजी प्रैक्टिस बर्दाश्त नहीं

स्वास्थ्य सचिव कुमार रवि ने स्पष्ट किया कि सरकारी ड्यूटी के समय निजी क्लीनिक या अस्पताल में प्रैक्टिस करना किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। यदि कोई डॉक्टर ड्यूटी अवधि के दौरान निजी प्रैक्टिस करते हुए पाया गया, तो उसके खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि जो डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी बेहतर कार्य कर रहे हैं, उन्हें विभाग की ओर से प्रोत्साहित और सम्मानित भी किया जाएगा।

24×7 इमरजेंसी सेवाओं को और मजबूत बनाने पर जोर

समीक्षा बैठक के दौरान जिला अस्पतालों में संचालित 24×7 आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं का भी मूल्यांकन किया गया। जिन जिलों में सेवाएं बेहतर पाई गईं, उनकी सराहना की गई, जबकि जिन स्थानों पर सुधार की आवश्यकता महसूस हुई, वहां आवश्यक निर्देश जारी किए गए।

भोजपुर मॉडल की हुई सराहना

समीक्षा के दौरान भोजपुर सदर अस्पताल की कार्यप्रणाली की विशेष प्रशंसा की गई। स्वास्थ्य सचिव ने पाया कि यहां मरीजों को बेहतर चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं और ड्यूटी रोस्टर की नियमित निगरानी स्वयं सिविल सर्जन द्वारा की जा रही है।

उन्होंने अन्य जिलों के अधिकारियों को भी भोजपुर की कार्यशैली अपनाने की सलाह दी। साथ ही विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा अधिक से अधिक सर्जरी कराने और इमरजेंसी सेवाओं को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए।

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