Bihar News: बिहार में डेंगू और चिकनगुनिया की रोकथाम को लेकर स्वास्थ्य विभाग की रणनीति असर दिखा रही है। राज्य में वर्ष 2026 के दौरान अब तक डेंगू से एक भी मौत दर्ज नहीं हुई है, जबकि चिकनगुनिया का कोई मामला भी सामने नहीं आया है। इस उपलब्धि की समीक्षा मंगलवार को स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने उच्चस्तरीय बैठक में की और सभी जिलों को मानसून के दौरान पूरी सतर्कता बनाए रखने के निर्देश दिए।
बैठक में फॉगिंग अभियान, मच्छर नियंत्रण, जांच सुविधाओं, अस्पतालों की तैयारियों, दवाओं और जनजागरूकता कार्यक्रमों की विस्तार से समीक्षा की गई।
तीन साल में तेजी से घटे डेंगू के मामले
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार राज्य में पिछले तीन वर्षों के दौरान डेंगू के मामलों और मौतों में लगातार कमी दर्ज की गई है।
2023: 20,224 मामले, 74 मौतें
2024: 10,155 मामले, 16 मौतें
2025: 3,902 मामले, 2 मौतें
2026 (6 जुलाई तक): केवल 176 मामले, एक भी मौत नहीं
विभाग का कहना है कि समय पर निगरानी, बेहतर जांच व्यवस्था, त्वरित इलाज और व्यापक जनजागरूकता अभियान के कारण यह सकारात्मक बदलाव संभव हो सका है।
चिकनगुनिया पर भी पूरी तरह नियंत्रण
चिकनगुनिया के मामलों में भी राज्य ने उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया है।
2024: 520 मामले
2025: 45 मामले
2026 (6 जुलाई तक): कोई मामला दर्ज नहीं
यह लगातार निगरानी और रोकथाम अभियान का परिणाम माना जा रहा है।
पटना में भी सुधरी स्थिति
राजधानी पटना में भी डेंगू के मामलों में लगातार गिरावट दर्ज की गई है।
2023: 8,600 मामले
2024: 5,033 मामले
2025: 1,817 मामले
2026 (6 जुलाई तक): केवल 47 मामले, कोई मौत नहीं
318 फॉगिंग मशीनें मैदान में, संवेदनशील जिलों पर विशेष नजर
स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि राज्यभर में मच्छरों पर नियंत्रण के लिए 318 फॉगिंग मशीनें लगातार संचालित की जा रही हैं। पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, पटना, नालंदा, दरभंगा और भागलपुर जैसे संवेदनशील जिलों में अतिरिक्त मशीनें तैनात की गई हैं।
इसके अलावा आवश्यक कीटनाशकों का पर्याप्त भंडारण भी सुनिश्चित किया गया है, ताकि किसी भी स्थिति में अभियान प्रभावित न हो।
जांच और इलाज की पूरी तैयारी
डेंगू की समय पर पहचान और उपचार के लिए सभी जिला अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में NS1 ELISA तथा IgM ELISA जांच किट उपलब्ध कराई गई हैं। राज्य स्तर पर अतिरिक्त बफर स्टॉक भी रखा गया है और जरूरत को देखते हुए नई किटों की मांग भेजी जा चुकी है।
जुलाई बना ‘एंटी-डेंगू माह’
स्वास्थ्य विभाग ने पूरे जुलाई महीने को ‘एंटी-डेंगू माह’ के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। इससे पहले 16 जून को ‘एंटी-डेंगू दिवस’ मनाकर जागरूकता रैलियां आयोजित की गई थीं।
फिलहाल सोशल मीडिया, प्रिंट मीडिया और विभिन्न जनसंपर्क कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को घरों और आसपास पानी जमा नहीं होने देने, साफ-सफाई बनाए रखने और बुखार आने पर तुरंत सरकारी अस्पताल में जांच कराने के लिए जागरूक किया जा रहा है।
स्वास्थ्य मंत्री की लोगों से अपील
स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने कहा कि वेक्टर जनित रोगों की रोकथाम राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपने घरों और आसपास साफ-सफाई रखें, पानी जमा न होने दें और डेंगू के लक्षण दिखाई देने पर बिना देरी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएं।

