राज्यसभा सांसद अशोक कुमार मित्तल ने कहा है कि पुणे के केतन अग्रवाल का केस बहुत ही ज्यादा चिंताजनक है। उनका कहना है कि केतन और उसके परिवार वालों को निष्पक्ष जांच और न्याय दिलाए जाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि वे पिछले साल संसद में राष्ट्रीय पुरुष आयोग बिल भी पेश कर चुके हैं।
राज्यसभा सांसद और लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के फाउंडर अशोक कुमार मित्तल ने 5 दिसंबर, 2025 को राज्यसभा में राष्ट्रीय पुरुष आयोग बिल पेश करने वाला अपना एक वीडियो शेयर करते हुए एक्स पर लिखा है,’पुणे के केतन अग्रवाल का केस बहुत ज्यादा परेशान करने वाला है। केतन और उसके परिवार को निष्पक्ष, पूर्ण और बिना किसी भेदभाव वाली जांच और सबसे बढ़कर न्याय पाने का हक है।’
आम आदमी पार्टी के पूर्व नेता ने आगे लिखा, ‘मैंने संसद में राष्ट्रीय पुरुष आयोग विधेयक पेश किया था। प्रत्येक पीड़ित को कानून के तहत न्याय, सहायता और बराबर की सुरक्षा पाने का अधिकार है।’
वैसे अशोक कुमार मित्तल ने जो बिल पेश किया, वह एक प्राइवेट मेंबर बिल है।प्राइवेट मेंबर विधेयकों का आमतौर पर वोटिंग स्टेज तक पहुंचना भी मुश्किल होता है।भारत की आजादी के बाद से अबतक ऐसे मात्र 14 बिल कानून का रूप ले सके हैं।1970 के बाद से तो ऐसा कोई बिल संसद के दोनों सदनों से पास नहीं हो पाया है।
पुणे के केतन अग्रवाल मर्डर केस में पुणे की एक अदालत ने मुख्य आरोपी और केतन की मंगेतर सिया गोयल और उसके कथित बॉयफ्रेंड चेतन चौधरी को 3 जुलाई से 16 जुलाई तक के लिए 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा है।
कोर्ट ने लोनावाला रूरल पुलिस की ओर से पुलिस रिमांड बढ़ाने की अर्जी खारिज कर दी है।
दोनों आरोपियों ने पॉलिग्राफ टेस्ट करवाने से भी मना किया, लिहाजा कोर्ट ने लाय-डिटेक्टर टेस्ट की अनुमति नहीं दी।

