IGIMS पटना को मिलेगा बड़ा विस्तार: 500 बेड का नया टीचिंग अस्पताल 3 महीने में तैयार करने का आदेश, स्वास्थ्य सचिव ने किया निरीक्षण

0
23

पटना: बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया गया है। स्वास्थ्य विभाग के सचिव कुमार रवि ने शुक्रवार को इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (IGIMS) परिसर का दौरा कर चल रहे पुनर्विकास और विस्तार कार्यों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्माणाधीन 500 बेड टीचिंग अस्पताल, 1200 बेड अस्पताल, हॉस्टल और आवासीय भवनों सहित विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति का जायजा लिया और निर्माण एजेंसियों को तय समय सीमा के भीतर काम पूरा करने के निर्देश दिए।

500 बेड अस्पताल तीन महीने में पूरा करने का लक्ष्य

स्थलीय निरीक्षण के बाद आयोजित उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में स्वास्थ्य सचिव ने 500 बेड वाले टीचिंग अस्पताल के निर्माण कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि इस अस्पताल का निर्माण अगले तीन महीने के भीतर पूरा किया जाए, ताकि मरीजों को जल्द से जल्द नई स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल सके। उन्होंने यह भी कहा कि निर्माण कार्य की प्रगति की हर सप्ताह समीक्षा की जाएगी और किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जाएगी।

HVAC सिस्टम को प्राथमिकता देने का निर्देश

समीक्षा बैठक के दौरान अस्पताल के आंतरिक और बाहरी HVAC (हीटिंग, वेंटिलेशन और एयर कंडीशनिंग) सिस्टम को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने का निर्देश दिया गया। इसके लिए 31 अगस्त 2026 की समय-सीमा तय की गई है।

स्वास्थ्य सचिव ने चिलर प्लांट, कूलिंग टावर, पंप, वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट, पाइपिंग और डक्टिंग सहित सभी शेष तकनीकी कार्यों को तेज गति से पूरा करने के निर्देश भी दिए।

1200 बेड अस्पताल का 59 फीसदी से अधिक काम पूरा

बैठक में निर्माणाधीन 1200 बेड वाले अस्पताल, हॉस्टल और आवासीय भवनों की प्रगति की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना का 59.24 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। स्वास्थ्य सचिव ने निर्माण एजेंसियों को गुणवत्ता से समझौता किए बिना तय समय-सीमा के अनुरूप सभी कार्यों को पूरा करने के निर्देश दिए।

आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं पर सरकार का फोकस

समीक्षा बैठक के दौरान स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि बिहार सरकार स्वास्थ्य सेवाओं के बुनियादी ढांचे को लगातार मजबूत कर रही है। उन्होंने निर्माण एजेंसियों से कहा कि जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी परियोजनाओं को समय पर और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए, ताकि राज्य के लोगों को आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं जल्द उपलब्ध हो सकें।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि परियोजनाओं की नियमित निगरानी जारी रहेगी और कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगा नया आयाम

IGIMS परिसर में चल रहे पुनर्विकास और विस्तार कार्य पूरे होने के बाद मरीजों को अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होंगी। साथ ही मेडिकल शिक्षा, शोध और सुपर स्पेशियलिटी उपचार की क्षमता में भी उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है। इससे न केवल पटना बल्कि पूरे बिहार के मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिलेगा।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here