Bihar News: बिहार में शिक्षा और छात्र सुविधाओं से जुड़ी बड़ी परियोजनाओं को लेकर सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। भवन निर्माण विभाग के सचिव प्रणव कुमार ने विभागीय योजनाओं की समीक्षा करते हुए स्पष्ट कर दिया है कि निर्माण कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को गुणवत्ता बनाए रखते हुए सभी परियोजनाओं को निर्धारित समय सीमा में पूरा करने का निर्देश दिया है।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, अल्पसंख्यक कल्याण, पिछड़ा एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण तथा अनुसूचित जाति-जनजाति कल्याण विभाग से जुड़ी निर्माणाधीन योजनाओं की प्रमंडलवार समीक्षा की गई।
जुलाई 2026 तक तैयार होगा बिहार अभियंत्रण विश्वविद्यालय
बैठक में पटना के मीठापुर स्थित बिहार अभियंत्रण विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन और अन्य निर्माण कार्यों की समीक्षा की गई। विभाग ने विश्वविद्यालय परिसर का निर्माण कार्य जुलाई 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके अलावा भागलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज परिसर में 600 क्षमता वाले आधुनिक सभागार के निर्माण कार्य की प्रगति की भी समीक्षा की गई।
गया इंजीनियरिंग कॉलेज में बनेंगे नए हॉस्टल और भवन
गया अभियंत्रण महाविद्यालय परिसर में वास्तुकला विभाग भवन, 300 बेड के बालक छात्रावास और 200 बेड के बालिका छात्रावास के निर्माण को लेकर निविदा प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश दिया गया। सरकार का लक्ष्य तकनीकी शिक्षा संस्थानों में बेहतर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना है ताकि छात्रों को आधुनिक शैक्षणिक वातावरण मिल सके।
15 जुलाई तक तैयार होगा नरपतगंज का डॉ. अंबेडकर आवासीय विद्यालय
समीक्षा बैठक में अररिया के नरपतगंज, औरंगाबाद के कुटुम्बा और समस्तीपुर के विद्यापतिनगर में निर्माणाधीन डॉ. भीमराव अंबेडकर 10+2 आवासीय विद्यालयों की भी समीक्षा की गई। नरपतगंज स्थित 720 सीट वाले आवासीय विद्यालय में फिनिशिंग और पेंटिंग का कार्य अंतिम चरण में है। विभाग ने इसे 15 जुलाई 2026 तक पूर्ण करने का लक्ष्य तय किया है।
जून के अंत तक पूरा होगा धनुपरा का आवासीय विद्यालय
भोजपुर जिले के धनुपरा, वैशाली और सीतामढ़ी सहित अन्य जिलों में स्वीकृत 520 सीट क्षमता वाले अन्य पिछड़ा वर्ग कन्या आवासीय +2 विद्यालयों की प्रगति की भी समीक्षा हुई। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि भोजपुर के धनुपरा में निर्माणाधीन विद्यालय का कार्य जून 2026 के अंत तक पूरा कर लिया जाएगा।
मदरसा भवन और छात्रावास निर्माण में भी तेजी
मधुबनी, समस्तीपुर, जमुई, सुपौल और गया जिलों में निर्माणाधीन मदरसा भवन, 100 बेड वाले अल्पसंख्यक बालिका छात्रावास और जिला अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारियों के आवासीय भवनों के निर्माण कार्यों की भी समीक्षा की गई। सचिव ने इन परियोजनाओं को तय समय सीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए।
गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं, देरी करने वाले ठेकेदार होंगे डिबार
सचिव प्रणव कुमार ने समीक्षा बैठक में दो टूक कहा कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने कार्यपालक अभियंताओं को निर्देश दिया कि जो परियोजनाएं अंतिम चरण में हैं, उन्हें तय समय सीमा के भीतर पूरा कर संबंधित विभागों को हस्तांतरित किया जाए। साथ ही चेतावनी दी कि जिन संवेदकों (ठेकेदारों) द्वारा कार्य में अनावश्यक देरी की जा रही है, उन्हें तत्काल डिबार (काली सूची में शामिल) किया जाए।
सरकार की प्राथमिकता में आवासीय विद्यालय और छात्रावास
बैठक के अंत में सचिव ने कहा कि आवासीय विद्यालयों और छात्रावासों का निर्माण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। ऐसे में किसी भी परियोजना में देरी स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी प्रमंडलीय और जिला स्तरीय अभियंताओं को नियमित रूप से निर्माण स्थलों का निरीक्षण करने और कार्यों की प्रगति पर नजर रखने का निर्देश दिया।

