TMC Crisis: अभिषेक बनर्जी पर फूटा कल्याण बनर्जी का गुस्सा, पार्टी छोड़ने की दी चेतावनी

0
5

TMC Crisis: पश्चिम बंगाल की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर बढ़ती खींचतान अब खुलकर सामने आने लगी है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और सांसद कल्याण बनर्जी ने गुरुवार को पार्टी महासचिव अभिषेक बनर्जी पर तीखा हमला बोलते हुए कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने यहां तक कह दिया कि पार्टी नेतृत्व को तय करना होगा कि वह अभिषेक बनर्जी के साथ खड़ा रहेगा या फिर पुराने और समर्पित कार्यकर्ताओं के साथ।

‘अभिषेक की वजह से पार्टी को नुकसान हुआ’

कल्याण बनर्जी ने अभिषेक बनर्जी के व्यवहार पर सवाल उठाते हुए कहा कि पार्टी के भीतर उनका रवैया कई नेताओं को असहज करता रहा है। उन्होंने दावा किया कि पहले भी इस मुद्दे को उठाया गया था, लेकिन उस समय उनकी बातों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया।

उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी के कई मौजूदा संकटों और असंतोष की एक बड़ी वजह नेतृत्व के कुछ फैसले और कार्यशैली रही है।

वकील के तौर पर हटाए जाने पर जताई नाराजगी

विवाद की शुरुआत उस समय और बढ़ गई जब कल्याण बनर्जी ने दावा किया कि एक चर्चित कानूनी मामले में उन्हें अंतिम समय में वकील की भूमिका से हटा दिया गया। उन्होंने इसे व्यक्तिगत और राजनीतिक दोनों स्तर पर अपमानजनक बताया।

कल्याण का कहना है कि उन्हें देर रात इस फैसले की जानकारी दी गई, जिससे वे बेहद आहत हुए। उन्होंने सवाल उठाया कि पार्टी में लंबे समय तक योगदान देने वाले नेताओं के साथ ऐसा व्यवहार क्यों किया जा रहा है।

‘ममता बनर्जी को फैसला करना होगा’

अपने बयान में कल्याण बनर्जी ने स्पष्ट संकेत दिए कि अब पार्टी नेतृत्व को स्थिति स्पष्ट करनी होगी। उन्होंने कहा कि वह अभी भी मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के प्रति सम्मान और निष्ठा रखते हैं, लेकिन मौजूदा हालात में नेतृत्व को यह तय करना होगा कि संगठन किस दिशा में आगे बढ़ेगा। उनके बयान को TMC के अंदर बढ़ते असंतोष के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

अभिषेक बनर्जी को कोर्ट से राहत

इसी बीच एक कानूनी मामले में अभिषेक बनर्जी को अदालत से अंतरिम राहत मिली है। हालांकि जांच एजेंसी के समक्ष निर्धारित समय के भीतर उपस्थित होने का निर्देश भी दिया गया है। इस मामले को लेकर राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर चर्चाएं तेज हैं।

TMC में इस्तीफों का दौर जारी

तृणमूल कांग्रेस पिछले कुछ समय से लगातार आंतरिक चुनौतियों का सामना कर रही है। हाल के दिनों में पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं ने अलग-अलग कारणों से नाराजगी जताई है और कुछ सांसदों ने अपने पदों से इस्तीफा भी दिया है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि लगातार हो रहे इस्तीफे और नेताओं के सार्वजनिक बयानों से पार्टी के भीतर बढ़ते असंतोष की तस्वीर सामने आ रही है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि पार्टी नेतृत्व इन चुनौतियों से कैसे निपटता है।

क्या बढ़ेगा TMC का संकट?

कल्याण बनर्जी के ताजा बयान ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। एक ओर पार्टी नेतृत्व संगठन को एकजुट रखने की कोशिश कर रहा है, वहीं दूसरी ओर वरिष्ठ नेताओं की खुली नाराजगी विपक्ष को भी हमले का मौका दे रही है।

अब सबकी नजर ममता बनर्जी की अगली रणनीति पर टिकी है, क्योंकि पार्टी के भीतर उठ रही आवाजें आने वाले समय में TMC की राजनीतिक दिशा तय कर सकती हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here