Patna News: मीठापुर-चिरैयाटांड़ फ्लाईओवर पर सचिव का बड़ा एक्शन, दिसंबर 2026 तक पूरा करने का अल्टीमेटम

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पटना: राजधानी पटना की ट्रैफिक व्यवस्था को जाममुक्त और आधुनिक बनाने की दिशा में तेजी से काम चल रहा है। इसी कड़ी में पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल ने शनिवार को निर्माणाधीन मीठापुर-चिरैयाटांड़ फ्लाईओवर परियोजना का स्थल निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्माण एजेंसी और विभागीय अभियंताओं को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि परियोजना में किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी स्वीकार नहीं की जाएगी।

निर्माण कार्य की प्रगति का लिया जायजा

सचिव ने तकनीकी टीम के साथ मीठापुर फ्लाईओवर से चिरैयाटांड़ फ्लाईओवर को करबिगहिया के रास्ते जोड़ने वाले पहुंच पथ (एप्रोच रोड) और दोनों ओर बन रही सर्विस लेन का विस्तृत निरीक्षण किया। उन्होंने कार्यस्थल पर मौजूद अधिकारियों और संवेदकों को सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन करते हुए निर्धारित समयसीमा में निर्माण कार्य पूरा करने का निर्देश दिया।

₹292.74 करोड़ की लागत से बन रही है परियोजना

यह महत्वाकांक्षी फ्लाईओवर परियोजना आर ब्लॉक गोलम्बर, जीपीओ गोलम्बर, मीठापुर गोलम्बर और करबिगहिया स्टेशन होते हुए कंकड़बाग तक जाएगी। लगभग 292.74 करोड़ रुपये की लागत से बन रही इस परियोजना की कुल लंबाई 1730 मीटर है।

विभाग के अनुसार, परियोजना में नींव का कार्य पूरी तरह पूरा हो चुका है, जबकि सब-स्ट्रक्चर, सुपर-स्ट्रक्चर और एप्रोच रोड का लगभग 70 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है।

जुलाई में खुल सकता है पहला चरण

परियोजना के पहले चरण में जीपीओ गोलम्बर से पुराने बस स्टैंड तक का हिस्सा जुलाई 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं पूरी परियोजना के दिसंबर 2026 तक पूर्ण होने की संभावना जताई गई है।

सचिव ने अधिकारियों को मानसून शुरू होने से पहले संभावित बाधाओं को दूर करने का निर्देश दिया, ताकि बारिश के दौरान निर्माण कार्य की रफ्तार प्रभावित न हो।

करबिगहिया जाम से मिलेगी स्थायी राहत

फ्लाईओवर के निर्माण के बाद करबिगहिया स्टेशन और आसपास के इलाकों में लगने वाले रोजाना के भारी ट्रैफिक जाम से लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। साथ ही मीठापुर-महुली फ्लाईओवर से आने वाले वाहनों को शहर के भीतर प्रवेश किए बिना तेज और सुगम मार्ग उपलब्ध होगा।

यह परियोजना मीठापुर गोलम्बर को सीधे NH-30 बाईपास से जोड़ेगी, जिससे बाहरी और अंतर-शहरी वाहनों की आवाजाही आसान होगी और पटना के भीतरी इलाकों में ट्रैफिक दबाव कम होगा।

पटना के ट्रैफिक सिस्टम में आएगा बड़ा बदलाव

पथ निर्माण विभाग का मानना है कि परियोजना पूरी होने के बाद राजधानी की यातायात व्यवस्था अधिक व्यवस्थित, सुरक्षित और सुगम बनेगी। इससे लाखों लोगों को रोजाना के जाम से राहत मिलेगी और शहर में आवागमन का समय भी कम होगा।

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