Bihar News: बिहार के नन्हे कलाकारों को मिलेगा बड़ा मंच, 8 दिवसीय ग्रीष्मकालीन कला कार्यशाला का भव्य शुभारंभ

0
43

Bihar News: बिहार में कला और रचनात्मकता को नई उड़ान देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए कला एवं संस्कृति विभाग के अंतर्गत बिहार ललित कला अकादमी द्वारा आयोजित आठ दिवसीय ग्रीष्मकालीन चाक्षुष कला कार्यशाला-2026 का बुधवार को भव्य शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन बिहार सरकार के कला एवं संस्कृति मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार ने किया।

कार्यक्रम में बच्चों, अभिभावकों, कलाकारों और प्रशिक्षकों की उत्साहपूर्ण भागीदारी देखने को मिली। उद्घाटन समारोह में सांस्कृतिक कार्य निदेशालय की निदेशक रूबी, संग्रहालय निदेशालय के निदेशक कृष्ण कुमार तथा बिहार ललित कला अकादमी की सचिव अमृता प्रीतम समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।

हर जिले के बच्चों को मिलेगा मौका, मंत्री ने दिया बड़ा सुझाव

अपने संबोधन में मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार ने कहा कि बिहार के गांवों और जिलों में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, जरूरत केवल उन्हें उचित मंच और प्रशिक्षण देने की है। उन्होंने भविष्य में कम से कम एक माह की आवासीय कला कार्यशाला आयोजित करने का सुझाव दिया, जिसमें बिहार के सभी जिलों के बच्चे भाग ले सकें।

उन्होंने कहा कि दूर-दराज क्षेत्रों से आने वाले प्रतिभागियों के लिए आवास, भोजन और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के प्रस्ताव पर भी विभाग विचार करेगा। इससे राज्य के प्रतिभाशाली बच्चों को अपनी कला को निखारने का बेहतर अवसर मिलेगा।

पेपर मेशी, टेराकोटा और वेस्ट क्राफ्ट सीखेंगे बच्चे

03 जून से 10 जून तक चलने वाली इस विशेष कार्यशाला में 8 से 16 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों और किशोरों को पेपर मेशी, वेस्ट मेटेरियल क्राफ्ट और टेराकोटा कला का प्रशिक्षण दिया जाएगा।

कार्यशाला के माध्यम से बच्चों को केवल कला कौशल ही नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और ‘वेस्ट टू बेस्ट’ की अवधारणा से भी परिचित कराया जाएगा। अनुपयोगी वस्तुओं को रचनात्मक तरीके से उपयोग में लाने की तकनीकें सिखाई जाएंगी, जिससे बच्चों में नवाचार और रचनात्मक सोच विकसित हो सके।

बच्चों की कल्पनाशीलता को मिलेगा नया आयाम

सांस्कृतिक कार्य निदेशालय की निदेशक रूबी ने कहा कि ऐसी कार्यशालाएं बच्चों की कल्पनाशीलता, सृजनशीलता और आत्मविश्वास को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। कला के माध्यम से बच्चे अपनी भावनाओं और विचारों को बेहतर तरीके से अभिव्यक्त करना सीखते हैं।

उन्होंने कहा कि रचनात्मक गतिविधियां बच्चों के व्यक्तित्व विकास में भी अहम योगदान देती हैं और उन्हें नई सोच के लिए प्रेरित करती हैं।

निःशुल्क मिलेगा प्रशिक्षण और कला सामग्री

बिहार ललित कला अकादमी के बहुद्देशीय सांस्कृतिक परिसर में आयोजित यह कार्यशाला प्रतिदिन सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक संचालित होगी। प्रतिभागियों को प्रशिक्षण के दौरान आवश्यक कला सामग्री और अल्पाहार निःशुल्क उपलब्ध कराया जाएगा।

कार्यक्रम के अंत में बिहार ललित कला अकादमी की सचिव अमृता प्रीतम ने सभी अतिथियों, कलाकारों, प्रशिक्षकों, अभिभावकों और बच्चों का आभार व्यक्त किया।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here