Bihar News: बिहार के रेल यात्रियों और कारोबार जगत के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। केंद्र सरकार ने किऊल-झाझा रेलखंड के बीच तीसरी रेल लाइन निर्माण परियोजना को मंजूरी दे दी है। यह परियोजना करीब 961.71 करोड़ रुपये की लागत से पूरी की जाएगी।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इसकी जानकारी साझा करते हुए खुशी जाहिर की। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के प्रति आभार व्यक्त किया।
बिहार में रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर को मिलेगी नई मजबूती
सम्राट चौधरी ने कहा कि किऊल-झाझा के बीच तीसरी रेल लाइन बनने से बिहार में रेल अवसंरचना को नई मजबूती मिलेगी। इससे यात्रियों को बेहतर सुविधा मिलेगी और ट्रेनों का परिचालन अधिक सुगम हो सकेगा।
उन्होंने कहा कि इस परियोजना के पूरा होने के बाद यातायात व्यवस्था में सुधार आएगा, माल ढुलाई की गति बढ़ेगी और उद्योग एवं व्यापार को नई ऊर्जा मिलेगी। साथ ही राज्य की आर्थिक प्रगति को भी नया आयाम प्राप्त होगा।
डबल इंजन सरकार के विकास मॉडल पर जोर
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि डबल इंजन सरकार के नेतृत्व में बिहार लगातार विकास के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है। केंद्र और राज्य सरकार मिलकर आधारभूत संरचना को मजबूत करने का काम कर रही हैं, जिसका सीधा लाभ आम लोगों को मिलेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि किऊल-झाझा रेलखंड पूर्व मध्य रेलवे का एक अहम सेक्शन है। यहां तीसरी लाइन बनने से ट्रेनों की आवाजाही और समयबद्ध संचालन में बड़ी मदद मिलेगी।
यात्रियों और व्यापारियों को होगा बड़ा फायदा
रेल परियोजना के पूरा होने के बाद बिहार के कई जिलों के यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। इसके अलावा मालगाड़ियों के संचालन में तेजी आने से व्यापार और औद्योगिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। यह परियोजना बिहार के रेल नेटवर्क को आधुनिक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

