Bihar News: बिहार सरकार ने बच्चों के संरक्षण और दिव्यांगजनों के कल्याण को लेकर बड़ा कदम उठाया है। समाज कल्याण विभाग की समीक्षा बैठक में विभागीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, पारदर्शिता और लाभार्थियों तक सुविधाएं तेजी से पहुंचाने पर विशेष जोर दिया गया।

बैठक की अध्यक्षता समाज कल्याण मंत्री डॉ. श्वेता गुप्ता ने की। इस दौरान विभागीय योजनाओं, बाल संरक्षण और दिव्यांगजन सशक्तिकरण से जुड़े कई अहम मुद्दों पर विस्तृत समीक्षा की गई।
दत्तक ग्रहण को लेकर जागरूकता अभियान का निर्देश
बैठक में मंत्री डॉ. श्वेता गुप्ता ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि दत्तक ग्रहण (Adoption) को लेकर आम लोगों के बीच जागरूकता बढ़ाई जाए और इसका व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए।
उन्होंने कहा कि जरूरतमंद बच्चों को बेहतर भविष्य देने के लिए समाज में सकारात्मक सोच और जागरूकता जरूरी है।
आफ्टरकेयर योजना को और मजबूत बनाने पर जोर
सरकार ने बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए चल रही आफ्टरकेयर योजना को और मजबूत बनाने का फैसला लिया है। बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि बच्चों के पुनर्वास और उनके भविष्य को सुरक्षित बनाने के लिए गंभीरता और प्रतिबद्धता के साथ काम किया जाए।
दिव्यांगजनों को समय पर मिले सुविधाएं

बैठक में Directorate of Empowerment of Persons with Disabilities के तहत चल रही राज्य और केंद्र प्रायोजित योजनाओं की भी समीक्षा की गई।
मंत्री और समाज कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव एच. आर. श्रीनिवास ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि दिव्यांगजनों को सभी सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराई जाएं।
इन योजनाओं की हुई समीक्षा
बैठक में कई महत्वपूर्ण योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई, जिनमें शामिल हैं:
- मुख्यमंत्री दिव्यांगजन सशक्तिकरण छत्र योजना सम्बल
- बैट्री चालित ट्राईसाइकिल वितरण योजना
- दिव्यांगजन सिविल सेवा प्रोत्साहन योजना
- मुख्यमंत्री दिव्यांगजन उद्यमी योजना
- विशेष विद्यालय एवं विशेष गृह संचालन योजना
इसके अलावा केंद्र सरकार द्वारा प्रायोजित योजनाओं की प्रगति पर भी चर्चा हुई।

अधिकारियों को क्या निर्देश मिले?
बैठक में विभागीय योजनाओं को समयबद्ध तरीके से लागू करने, पारदर्शिता बनाए रखने और अधिक से अधिक लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर जोर दिया गया। बैठक में धर्मेंद्र कुमार और योगेश कुमार सागर सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

