NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में बड़ा खुलासा, NTA के अंदर तक पहुंची जांच; 50 कर्मचारी CBI के रडार पर

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NTA Paper Leak Case: NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं। अब इस मामले की आंच सीधे National Testing Agency (NTA) तक पहुंचती दिखाई दे रही है। केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी Central Bureau of Investigation (CBI) को शक है कि पेपर लीक नेटवर्क में सिर्फ बाहरी लोग ही नहीं, बल्कि NTA के अंदर के कुछ कर्मचारी और अधिकारी भी शामिल हो सकते हैं।

प्रोफेसर कुलकर्णी समेत कई लोग जांच एजेंसी के रडार पर

सीबीआई सूत्रों के मुताबिक, लातूर के प्रोफेसर कुलकर्णी पिछले पांच वर्षों से NTA के लिए प्रश्नपत्र तैयार करने का काम कर रहे थे। जांच एजेंसी को यह भी जानकारी मिली है कि प्रोफेसर कुलकर्णी के अलावा दो अन्य प्रोफेसर भी जांच के दायरे में हैं।

सूत्रों का दावा है कि NTA के पेपर प्रोसेस से जुड़े करीब 50 कर्मचारियों और अधिकारियों की सूची भी CBI के पास मौजूद है। जांच एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि पेपर लीक में अंदरूनी भूमिका किस स्तर तक रही।

पुणे से हुई गिरफ्तारी, घर में चलती थी विशेष क्लास

CBI टीम ने प्रोफेसर कुलकर्णी को Pune स्थित उनके घर से गिरफ्तार किया है। अधिकारियों के अनुसार, कुलकर्णी के पास प्रश्नपत्रों तक पहुंच थी और वह अपने घर पर विशेष कोचिंग क्लास भी चलाते थे।

जांच में सामने आया है कि अप्रैल 2026 के अंतिम सप्ताह में कुलकर्णी ने आरोपी मनीषा वाघमारे की मदद से कुछ छात्रों को इकट्ठा किया था। CBI पहले ही मनीषा वाघमारे को 14 मई को गिरफ्तार कर चुकी है।

छात्रों को पहले ही लिखवाए गए थे सही जवाब

CBI अधिकारियों के मुताबिक, इन विशेष क्लासों के दौरान छात्रों को सवाल, उनके विकल्प और सही उत्तर पहले ही लिखवाए गए थे। छात्रों ने इन प्रश्नों को अपनी नोटबुक में हाथ से लिखा था।

जांच में सबसे बड़ा खुलासा यह हुआ कि यही सवाल 3 मई को आयोजित NEET-UG 2026 परीक्षा के असली प्रश्नपत्र से पूरी तरह मेल खाते पाए गए।

चार साल पहले रिटायर हुए थे प्रोफेसर कुलकर्णी

अधिकारियों के अनुसार, प्रोफेसर कुलकर्णी चार साल पहले एक प्रतिष्ठित कॉलेज से रिटायर हुए थे। वह मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET के लिए रसायन विज्ञान विषय का प्रश्नपत्र तैयार करने वाली समिति का हिस्सा थे।

गौरतलब है कि मेडिकल कॉलेजों में एडमिशन के लिए 3 मई को NEET-UG 2026 परीक्षा आयोजित की गई थी। लेकिन पेपर लीक के आरोप सामने आने के बाद 12 मई को परीक्षा रद्द कर दी गई। इसके बाद केंद्र सरकार ने पूरे मामले की जांच CBI को सौंप दी।

कोचिंग सेंटर कनेक्शन की भी जांच

सीबीआई ने Latur के एक बड़े कोचिंग सेंटर संचालक शिवराज मोटेगांवकर से भी पूछताछ की है। जांच एजेंसी की टीम शिवनगर इलाके स्थित RCC यानी रेनुकाई केमिस्ट्री क्लासेज के निदेशक के घर पहुंची और कई घंटे तक पूछताछ की।

अब CBI पेपर लीक नेटवर्क की हर कड़ी को जोड़ने में जुटी हुई है और आने वाले दिनों में कई और बड़े खुलासे तथा गिरफ्तारियां संभव मानी जा रही हैं।

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