Bihar News: बिहार में औद्योगिक विकास को लेकर सरकार लगातार बड़े कदम उठा रही है। इसी कड़ी में राज्य निवेश प्रोत्साहन बोर्ड (SIPB) की 67वीं बैठक में मुजफ्फरपुर और किशनगंज में डालमिया समूह की दो बड़ी सीमेंट परियोजनाओं को स्टेज-1 क्लीयरेंस दे दी गई है। इन दोनों परियोजनाओं में कुल ₹1000 करोड़ से अधिक का निवेश होगा, जिससे राज्य में रोजगार और औद्योगिक गतिविधियों को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है।
मुजफ्फरपुर में लगेगी ₹573 करोड़ की बड़ी फैक्ट्री
उद्योग विभाग की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, मुजफ्फरपुर के महवल औद्योगिक क्षेत्र में Dalmia Bharat Green Vision Limited की ओर से ₹573.15 करोड़ की लागत से 2.5 MTPA क्षमता वाली सीमेंट इकाई स्थापित की जाएगी। इस परियोजना को SIPB की बैठक में स्टेज-1 क्लीयरेंस प्रदान की गई।
किशनगंज में भी बनेगी मेगा सीमेंट यूनिट
वहीं किशनगंज में Dalmia Cement (North East) Limited की ओर से ₹573.76 करोड़ के निवेश से 2.5 MTPA क्षमता की सीमेंट फैक्ट्री लगाने की योजना को भी स्टेज-1 मंजूरी मिल गई है।
सरकार का मानना है कि इन परियोजनाओं से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
बिहार तेजी से बन रहा इंडस्ट्रियल हब
उद्योग मंत्री Shreyasi Singh ने कहा कि बिहार सरकार निवेशकों को बेहतर सुविधाएं, पारदर्शी व्यवस्था और त्वरित स्वीकृति देने के लिए लगातार काम कर रही है। इसी वजह से अब देश की बड़ी औद्योगिक कंपनियां बिहार में निवेश करने के लिए आगे आ रही हैं।
वहीं उद्योग विभाग के सचिव सह BIADA एवं IDA के प्रबंध निदेशक Kundan Kumar ने कहा कि निवेशकों के प्रति सरकार के सकारात्मक रवैये का असर अब साफ दिखाई देने लगा है। उन्होंने कहा कि डालमिया समूह की परियोजनाएं बिहार की औद्योगिक क्षमता को मजबूत करेंगी।
16 बड़ी परियोजनाओं को मिली मंजूरी
SIPB की 67वीं बैठक में कुल ₹2484.06 करोड़ की 16 परियोजनाओं को स्टेज-1 क्लीयरेंस दी गई। इसके अलावा ₹46.86 करोड़ की 4 परियोजनाओं को वित्तीय स्वीकृति भी प्रदान की गई।
इनमें अंबुजा, KNSG एल्यूमिनियम प्राइवेट लिमिटेड, एस राजदेव बिल्ड्ज LLP, आइकॉन स्पाइरल इलेक्ट्रॉनिक्स प्राइवेट लिमिटेड, सीता एग्रो फूड प्रोडक्ट और SAPL इंडस्ट्रीज़ प्राइवेट लिमिटेड जैसी कंपनियों के प्रस्ताव भी शामिल हैं।
सरकार का कहना है कि इन निवेशों से बिहार में औद्योगिक विकास, रोजगार सृजन और क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को बड़ा बढ़ावा मिलेगा।

