उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के बेटे प्रतीक यादव की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है।प्रतीक यादव के जिम पार्टनर स्वप्नेश पांडेय ने बड़ा दावा किया है। उन्होंने बताया कि प्रतीक यादव देर रात बेडरूम में गिर गए थे, जिससे सिर पर चोट लगी। प्रतीक यादव मामले में पुलिस एहतियातन ज़रूरी कदम उठा रही है।शुरुआती प्रक्रिया में घर के जिस कमरे में प्रतीक यादव थे, उसको बंद करके रखा गया है।प्रतीक के मोबाइल फोन और लैपटॉप को भी पुलिस ने जब्त कर लिया है।पुलिस प्रतीक यादव की पोस्टमार्टर रिपोर्ट का इंतजार कर रही है, जिससे काफी सवाल हल हो जाएंगे। लखनऊ पुलिस के सूत्रों के मुताबिक, प्रतीक को सुबह करीब 6 बजकर 15 मिनट पर लखनऊ के सिविल अस्पताल में लाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। प्रतीक यादव को उनके घर वाले अस्पताल लेकर पहुंचे थे, लेकिन बताया जा रहा है कि उस समय उनकी पत्नी अपर्णा यादव साथ नहीं थीं।प्रतीक की मौत की वजह अभी तक सामने नहीं आई है, लेकिन बताया जा रहा है कि घर पर अचानक उनकी तबीयत बिगड़ी, जिसके बाद परिवार के लोग उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही ये साफ हो पाएगा कि प्रतीक की मौत का कारण क्या है।
प्रतीक के पोस्टमार्टम रिपोर्ट से कई महत्वपूर्ण बातें सामने आई है जो निम्न प्रकार के हैं
प्रतीक के सीने पर चोट के निशान पाए गए हैं।
प्रतीक के दाहिने हाथ के नीचे भी चोट के निशान मिले हैं।
प्रतीक के दाहिने हाथ की कलाई और बांह पर चोट के निशान हैं।
(ये तीनों चोटें 5–7 दिन पुरानी बताई गई हैं)
प्रतीक के दाहिने हाथ की कोहनी पर भी चोट का निशान पाया गया है
(यह चोट करीब 2 दिन पुरानी है)
प्रतीक के फेफड़ों में खून का थक्का जमने के कारण कार्डिएक अरेस्ट हुआ।
प्रतीक के पैरों में सूजन पाई गई थी।
डॉक्टरों ने स्पष्ट किया है कि शरीर पर मिली सभी चोटें एंटेमॉर्टम यानी मृत्यु से पहले की हैं। रिपोर्ट के अनुसार पहली, दूसरी और तीसरी चोट करीब 5 से 7 दिन पुरानी थीं, जबकि चौथी, पांचवीं और छठी चोट लगभग एक दिन पुरानी है।मौत और पोस्टमार्टम के बीच का समय लगभग आधा दिन बताया गया है।
प्रतीक यादव के शरीर पर नीले निशान नहीं थे लेकिन उनके पैर के नाखूनों का कुछ हिस्सा नीला था। इसकी वजह बीमारी हो सकती है।सूत्र ने बताया कि सीएमओ की निगरानी में पोस्टमार्टम हुआ है और इंटरिम रिपोर्ट सीएमओ के पास है। मामला सेंसिटिव होने की वजह से फिलहाल पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बारे में कोई जानकारी नहीं दे सकता। फाइनल पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने में अभी कुछ दिन लगेंगे।
प्रतीक यादव मामले में पुलिस एहतियातन ज़रूरी कदम उठा रही है। शुरुआती प्रक्रिया में घर के जिस कमरे में प्रतीक यादव थे, उसको बंद करके रखा गया है ताकि अगर कोई संदेह की स्थिति आती है तो वहां फ़ोरेंसिक्स से जांच कराई जा सके।इसके अलावा मोबाइल और लैपटॉप पुलिस ने रख लिया है ताकि अगर जांच आगे बढ़ाने की नौबत आए तो उनमें कोई छेड़छाड़ ना हो पाये। पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट लेने के बाद ये सारी कार्रवाई आगे बढ़ायेगी।अगर पोस्टमार्टम में कुछ संदेहास्पद निकलता है, तो फिर गहनता से जांच होगी। अगर मौत की वजह बीमारी है और कोई मौत की वजह पर सवाल नहीं उठता है, फिर जांच की कार्रवाई नहीं होगी।
सपा नेता रविदास मेहरोत्रा ने दावा किया कि डॉक्टरों ने कहा है कि , हो सकता है उन्हें जहर भी दिया गया हो।
उत्तर प्रदेश के पूर्व सीएम अखिलेश यादव अपने भाई प्रतीक यादव की मौत के बाद लखनऊ के केजीएमयू अस्पताल पहुंचे. इसी अस्पताल में चार डॉक्टरों के पैनल ने शव का पोस्टमार्टम किया है.
अपने छोटे भाई प्रतीक यादव के निधन पर, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि मैं उन्हें बचपन से जानता हूं। वह अब हमारे बीच नहीं रहे। यह बहुत दुख की बात है। बचपन से ही वह सेहत और शारीरिक तंदुरुस्ती को लेकर बहुत सचेत रहते थे। उनका सपना था कि वह जीवन में आगे बढ़ें और कोई सार्थक योगदान दें। जाहिर है, हम कानून के मुताबिक ही आगे बढ़ेंगे।कानूनी प्रावधानों में जो भी निर्देश होंगे, और परिवार के सदस्य जो भी चाहेंगे, हम उसका पालन करेंगे।
इसी साल जनवरी की शुरुआत में प्रतीक ने एक चौंकाने वाले इंस्टाग्राम पोस्ट के जरिए मीडिया का ध्यान खींचा था। इस पोस्ट में उन्होंने कथित तौर पर अपनी पत्नी अपर्णा यादव से तलाक लेने की इच्छा जाहिर की थी। इसकी वजह उन्होंने आपसी मतभेद और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी परेशानियां बताई थीं।
एक विवादित पोस्ट में प्रतीक ने अपर्णा पर पारिवारिक रिश्तों को खराब करने और अपनी निजी जिंदगी से ज्यादा कथित तौर पर शोहरत और रसूख को अहमियत देने का आरोप लगाया था। प्रतीक ने यह भी बताया था कि उनकी मानसिक हालत बहुत खराब है, जिसे अपर्णा मानने को तैयार नहीं थीं।
प्रतीक यादव ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम पोस्ट में कहा था, “मैं इस स्वार्थी महिला से जल्द से जल्द तलाक लेने जा रहा हूं। इसने मेरे पारिवारिक संबंधों को बर्बाद कर दिया है। वह सिर्फ नाम और दबदबा बनाना चाहती है। इस समय मेरी मानसिक स्थिति बहुत खराब है और उसे कोई परवाह नहीं है। उसे सिर्फ अपनी ही चिंता है। मैंने कभी ऐसी बुरी आत्मा नहीं देखी और मेरा दुर्भाग्य था कि मैंने उससे शादी की।”
हालांकि, इस पोस्ट के कुछ देर बाद अपर्णा के भाई अमन बिष्ट ने इन आरोपों पर टिप्पणी करते हुए कहा था कि प्रतीक का इंस्टाग्राम अकाउंट हैक हो गया था। वह पूरी पोस्ट ही झूठी थी। उन्होंने अपर्णा पर लगाए गए सभी आरोपों से इनकार किया था

