गर्मी का मौसम आते ही सिर्फ तापमान ही नहीं बढ़ता, बल्कि स्किन से जुड़ी परेशानियां भी तेजी से बढ़ने लगती हैं।तेज धूप, पसीना, उमस और लंबे समय तक त्वचा में बनी रहने वाली नमी फंगल इंफेक्शन के लिए बिल्कुल सही माहौल तैयार कर देती है। यही वजह है कि गर्मियों में खुजली, लाल चकत्ते, दाद और पैरों की उंगलियों के बीच होने वाले फंगल इंफेक्शन के मामले ज्यादा देखने को मिलते हैं।खासकर भारत जैसे गर्म और उमस वाले देशों में यह समस्या काफी आम हो चुकी है।NIH के मुताबिक, सतही फंगल इंफेक्शन ट्रॉपिकल देशों में सबसे ज्यादा देखी जाने वाली स्किन समस्याओं में शामिल हैं।
स्किन एक्सपर्ट डॉ. निधि रोहतगी बताती हैं कि गर्मियों में सिर्फ फंगल ही नहीं, बल्कि बैक्टीरियल और वायरल इंफेक्शन भी बढ़ जाते हैं।उनका कहना है कि फंगस को गर्म और नम माहौल सबसे ज्यादा पसंद होता है। जिस तरह बरसात या गर्मी में कपड़ों और खाने की चीजों पर फंगस जल्दी लग जाती है, उसी तरह शरीर के उन हिस्सों में भी इंफेक्शन तेजी से फैलता है जहां ज्यादा पसीना आता है। अंडरआर्म्स, जांघों के आसपास, पैरों की उंगलियों के बीच और त्वचा की सिलवटों में इसका खतरा सबसे ज्यादा रहता है।
कई बार मौसम से ज्यादा हमारी रोजमर्रा की आदतें इस परेशानी को बढ़ा देती हैं।लंबे समय तक पसीने वाले कपड़े पहनना, टाइट जींस या सिंथेटिक कपड़े इस्तेमाल करना और घंटों तक जूते-मोजे पहने रहना फंगस के बढ़ने का कारण बन सकता है डॉ. रोहतगी सलाह देती हैं कि गर्मियों में जितना हो सके ढीले और कॉटन के कपड़े पहनने चाहिए, ताकि त्वचा को हवा मिलती रहे।
नहाने के बाद शरीर को ठीक से न सुखाना भी एक बड़ी गलती मानी जाती है। अक्सर लोग जल्दी में त्वचा की सिलवटों को गीला छोड़ देते हैं, जिससे वहां नमी बनी रहती है और फंगस पनपने लगता है। इसके अलावा तौलिया और साबुन शेयर करना भी इंफेक्शन फैलाने का कारण बन सकता है।
आजकल एक और समस्या तेजी से बढ़ रही है, बिना सलाह के मेडिकल स्टोर से क्रीम खरीदकर इस्तेमाल करना।NIH पहले भी चेतावनी दे चुका है कि स्टेरॉयड वाली क्रीम फंगल इंफेक्शन को और जिद्दी बना सकती हैं।शुरुआत में खुजली और लालपन कम जरूर दिखता है, लेकिन अंदर ही अंदर फंगस बढ़ता रहता है।
एक्सपर्ट्स मानते हैं कि गर्मियों में स्किन को स्वस्थ रखने के लिए बहुत महंगे प्रोडक्ट्स की जरूरत नहीं होती। रोज नहाना, पसीने वाले कपड़े तुरंत बदलना, धूप में सूखे कपड़े पहनना और शरीर को सूखा रखना जैसी छोटी आदतें ही फंगल इंफेक्शन से काफी हद तक बचा सकती हैं।

