Bihar News: मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने जारी किया हाई अलर्ट—PHED, Health और Disaster Management को 24×7 निगरानी के निर्देश

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Bihar News:बिहार में मौसम को लेकर बड़ा अलर्ट जारी किया गया है। मुख्य सचिव Pratyaya Amrit की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में हीटवेव और आगामी मानसून को लेकर चिंताजनक तस्वीर सामने आई है।
Bihar Mausam Seva Kendra द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों के मुताबिक, राज्य में फिलहाल तापमान सामान्य से ऊपर बना हुआ है और आने वाले दिनों में इसमें और बढ़ोतरी की संभावना है।

जून-जुलाई में कम बारिश का अनुमान

मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, इस साल मानसून की शुरुआत कमजोर रह सकती है। खासकर जून और जुलाई में सामान्य से कम बारिश (Below Normal Rainfall) होने की आशंका जताई गई है।
हालांकि अगस्त और सितंबर में स्थिति थोड़ी बेहतर हो सकती है, लेकिन शुरुआती बारिश की कमी कृषि और जल संकट को बढ़ा सकती है।

कई इलाकों में तापमान रिकॉर्ड स्तर पर

1 मार्च से 27 अप्रैल के बीच बिहार के विभिन्न जोनों में तापमान में भारी उतार-चढ़ाव दर्ज किया गया है। दक्षिण-पश्चिम और दक्षिण-मध्य इलाकों में लगातार पारा सामान्य से ऊपर बना हुआ है।
27 अप्रैल को भी राज्य के कई हिस्सों में तापमान उच्च स्तर पर रिकॉर्ड किया गया, और 5 मई तक इसमें और बढ़ोतरी के संकेत हैं।

सरकार अलर्ट मोड में, विभागों को सख्त निर्देश

स्थिति को गंभीर मानते हुए मुख्य सचिव ने सभी संबंधित विभागों और जिलाधिकारियों को अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं। पेयजल संकट से निपटने के लिए चापाकल और नल-जल योजनाओं को पूरी तरह चालू रखने को कहा गया है, ताकि गिरते भू-जल स्तर के बावजूद लोगों को पानी मिल सके।

अस्पतालों में विशेष तैयारी, लू से निपटने की व्यवस्था

स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिया गया है कि लू और सनस्ट्रोक के मामलों से निपटने के लिए अस्पतालों में विशेष वार्ड औरदवाओं की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। जिलाधिकारियों को लगातार स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ बैठक कर स्थिति की समीक्षा करने को कहा गया है।

किसानों और जनता के लिए जागरूकता अभियान

सरकार ने निर्देश दिया है कि मौसम की सटीक जानकारी आम लोगों और किसानों तक पहुंचाई जाए। इसके लिए BMSK ऐप और अन्य माध्यमों से व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।

बिजली और पानी पर खास फोकस

भीषण गर्मी के बीच निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है, खासकर नल-जल योजनाओं के संचालन के लिए। हर प्रमंडल में ‘क्विक रिस्पांस टीम’ तैनात कर ट्रांसफार्मर खराब होने या बिजली बाधित होने की स्थिति में तुरंत कार्रवाई करने को कहा गया है।

पशुओं के लिए भी खास इंतजाम

लू के असर से पशुओं को बचाने के लिए भी विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। पशु चिकित्सालयों में दवाओं और ORS का स्टॉक रखा जाएगा और जरूरत पड़ने पर टैंकरों के जरिए पानी उपलब्ध कराया जाएगा।

हर घंटे निगरानी, आपदा प्रबंधन तैयार

मुख्य सचिव ने अगले एक सप्ताह तक मौसम की स्थिति पर 24 घंटे नजर रखने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आपदा प्रबंधन विभाग को तैयार रहने के निर्देश दिए हैं।

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