Bihar News: बिहार में अब वर्दी पहनकर रील बनाना पुलिसकर्मियों को महंगा पड़ सकता है। पुलिस मुख्यालय ने इस पर सख्त रुख अपनाते हुए साफ कर दिया है कि ड्यूटी के दौरान या वर्दी में सोशल मीडिया कंटेंट बनाना पूरी तरह से प्रतिबंधित है। इस नियम का उल्लंघन करने वाले करीब 40 पुलिसकर्मियों की पहचान कर ली गई है और अब उनके खिलाफ कार्रवाई तय मानी जा रही है।
SOP का उल्लंघन पड़ा भारी, पुलिस मुख्यालय ने जारी किया आदेश
पुलिस मुख्यालय के सोशल मीडिया सेंटर की ओर से एक सख्त निर्देश जारी किया गया है, जिसमें सभी जिलों के वरीय पुलिस अधीक्षक और रेल इकाई के अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि कोई भी पुलिसकर्मी वर्दी में रील न बनाए।
सहायक पुलिस महानिरीक्षक (कल्याण) स्तर से भेजे गए इस पत्र में साफ कहा गया है कि सोशल मीडिया उपयोग को लेकर पहले से ही मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) लागू है, जिसका पालन हर हाल में अनिवार्य है।
करीब 40 पुलिसकर्मी चिन्हित, पटना में सबसे ज्यादा मामले
पुलिस मुख्यालय की मॉनिटरिंग में ऐसे करीब 40 पुलिसकर्मी सामने आए हैं, जो वर्दी में रील बनाते पाए गए। इनमें पटना जिले के सबसे ज्यादा, करीब 10 पुलिसकर्मी शामिल हैं।
इस सूची में सिपाही से लेकर दारोगा स्तर तक के अधिकारी हैं, जिनमें महिला सिपाहियों की संख्या सबसे अधिक बताई जा रही है।
सोशल मीडिया सेंटर की कड़ी नजर, जिलों को भेजी गई सूची
पुलिस मुख्यालय के सोशल मीडिया सेंटर ने ऐसे सभी कर्मियों की सूची तैयार कर संबंधित जिलों को भेज दी है। अब जिला स्तर पर इन पर कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। साथ ही सभी पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने जिले में SOP का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराएं।
अनुशासन और छवि पर जोर, नियमों से समझौता नहीं
पुलिस विभाग का मानना है कि वर्दी में रील बनाना न केवल अनुशासनहीनता है, बल्कि इससे विभाग की छवि भी प्रभावित होती है। इसलिए अब इस तरह की गतिविधियों पर पूरी तरह रोक लगाने का फैसला लिया गया है।
अब सख्ती तय, हर जिले में होगी निगरानी
इस आदेश के बाद साफ हो गया है कि बिहार पुलिस अब सोशल मीडिया पर अनुशासन को लेकर कोई ढिलाई नहीं बरतेगी। आने वाले समय में हर जिले में इस पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी और नियम तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी।

