Bihar News: बिहार में तापमान बढ़ने के साथ ही लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग पूरी तरह एक्टिव मोड में आ गया है। “हर घर नल का जल” योजना को लेकर विभाग ने साफ निर्देश दिया है कि किसी भी हाल में लोगों को निर्बाध और शुद्ध पेयजल मिलना चाहिए।
योजनाओं की जमीनी हकीकत पर फोकस
पटना में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में बक्सर, कैमूर और रोहतास क्षेत्रों में चल रही जलापूर्ति योजनाओं की गहन समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे नियमित रूप से फील्ड में जाकर काम की स्थिति का आकलन करें और यह सुनिश्चित करें कि पानी की सप्लाई बिना रुकावट जारी रहे।
हर काम की होगी डिजिटल मॉनिटरिंग
अब जलापूर्ति योजनाओं की निगरानी और ज्यादा पारदर्शी तरीके से होगी। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे हर कार्य की फोटो एमआईएस पोर्टल पर अपलोड करें, ताकि मुख्यालय से सीधे मॉनिटरिंग हो सके और किसी भी गड़बड़ी को तुरंत पकड़ा जा सके।
शिकायतों पर तुरंत एक्शन जरूरी
बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि CGRC में लंबित शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर सुलझाया जाए। हर शिकायत की जांच कर उसकी अपडेटेड रिपोर्ट मुख्यालय को भेजनी होगी, ताकि जनता को समय पर राहत मिल सके।
लापरवाही पर ठेकेदारों पर सख्त कार्रवाई
अगर किसी भी योजना में देरी या जलापूर्ति में बाधा पाई जाती है, तो संबंधित ठेकेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने साफ कर दिया है कि लापरवाही अब बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
भू-जल स्तर पर भी कड़ी नजर
गर्मी के मौसम को देखते हुए विभाग ने भू-जल स्तर की लगातार निगरानी करने का निर्देश दिया है। साथ ही संभावित जल संकट की स्थिति से निपटने के लिए पहले से तैयारी और वैकल्पिक व्यवस्था रखने को कहा गया है।
हर घर तक पानी पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता
सरकार का लक्ष्य है कि राज्य के हर घर तक साफ और पर्याप्त पानी पहुंचे। इसके लिए विभाग हर स्तर पर सक्रिय होकर काम कर रहा है, ताकि गर्मी के दिनों में लोगों को पानी की समस्या का सामना न करना पड़े।

