राज्यसभा की 37 सीटों पर चुनाव की घोषणा हो गई है। 16 मार्च को मतदान होना है और चुनाव के परिणाम भी उसी दिन आने है। इसमें से 12 सीट फिलहाल NDA के पास हैं और बची हुई 25 विपक्ष के पास हैं।बीजेपी के पास जहां एक तरफ अपनी सीट बढ़ाने का मौका है तो वहीं गठबंधन के सहयोगियों को साधना भी बड़ा चैलेंज होने वाला है।जिन राज्यों में राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव होना है, उनमें महाराष्ट्र, ओडिशा, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, असम, बिहार, छत्तीसगढ़, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और तेलंगाना शामिल हैं।
बिहार में राज्यसभा की 5 सीटें खाली हो रही हैं। यहां एनडीए के पास 202 विधायक हैं, जबकि जीत के लिए 205 विधायक चाहिए।एक सीट के लिए 41 वोट जरूरी हैं।महागठबंधन के पास 35 विधायक हैं। AIMIM के 5 विधायक, BSP के 1 विधायक अगर महागठबंधन के साथ आए तो विपक्ष एक सीट निकाल सकता है। हालांकि खबर ये भी है कि NDA विपक्षी दलों में सेंध लगा सकता है।
एनडीए के फॉर्मूले की बात करें तो 2 बीजेपी, 2 जेडीयू, 1 सहयोगी को दी जा सकती है, लेकिन सवाल ये कि सहयोगी में किसको राज्यसभा भेजने की तैयारी है।इसमें एलजेपी (आर) आगे है, लेकिन HAM और राष्ट्रीय लोक मोर्चा भी दावेदार हैं। यानी असली चुनौती विपक्ष नहीं, सीट बंटवारा है।
महाराष्ट्र के समीकरण की बात करें तो यहां 7 सीटें खाली हो रही हैं।288 सदस्यीय विधानसभा में एक सीट के लिए 37 वोट चाहिए। महायुति के पास 235 विधायक हैं और वे 6 सीटें आराम से जीत जाएंगे, लेकिन शिवसेना (शिंदे) 2 सीट चाहती है।बीजेपी 3+1 (आरपीआई) फॉर्मूला देख रही है।
तमिलनाडु में 6 सीटें खाली हो रही हैं। DMK 4 सीटें आसानी से निकाल सकता है। AIADMK 1 सीट बचाएगा। एक सीट पर मुकाबला संभव है।पश्चिम बंगाल में राज्यसभा की 5 सीटें खाली हो रही हैं। TMC अपनी 4 सीटें बचा सकती है। एक सीट पर बीजेपी की नजर है।ओडिशा से 4 सीटें खाली होगी, जिनमें से 2 बीजेपी और 2 बीजेडी के पास हैं। मौजूदा समीकरण में बीजेपी 3 सीटें जीत सकती है। बीजेडी को 1 ही सीट मिलने की संभावना है।
हरियाणा, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना की 2-2 राज्यसभा सीटों पर चुनाव होने हैं। हरियाणा में फिलहाल बीजेपी और कांग्रेस के पास 1-1 सीट है। छत्तीसगढ़ में दोनों पार्टी के खाते में एक-एक सीट जाने की संभावना है। तेलंगाना में राज्यसभा की दोनों सीटें कांग्रेस के खाते में जा सकती हैं। असम की तीन सीटों में से दो बीजेपी के खाते में जाएंगी।वहीं तीसरी सीट पर कांग्रेस और AIUDF के बीच मुकाबला होना है। हिमाचल प्रदेश की एक राज्यसभा सीट कांग्रेस के पक्ष में जा सकती है।कुल मिलाकर देखें तो एनडीए को 2-3 सीटों का फायदा हो सकता है।इंडिया गठबंधन 3-4 सीटें खो सकता है।बीजेपी की सीट 9 से बढ़कर 12 हो सकती है।कांग्रेस को भी 4-5 सीटों को फायदा हो सकता है।
