Bulbul V3 की सबसे बड़ी खासियत है कि इसने एक स्टडी में अपने मुकाबले के बड़े AI मॉडल जैसे कि Cartesia Sonic-3 को पछाड़ दिया। बड़ी बात है कि यह टेलीफोनी (8 kHz) इवैल्यूएशन में दुनिया का नंबर वन मॉडल बनकर उभरा है। इसकी खास बात है कि यह सिर्फ बोलता ही नहीं बल्कि बोलते हुए भावनाओं, ठहराव और सही लहजे का भी ध्यान रखता है। भारतीय कंपनी के इस शानदार मॉडल ने दिखा दिया है कि भारत सिर्फ AI का यूजर ही नहीं है बल्कि निर्माता भी है।
भारतीय भाषाओं की खासियत है कि हम बात करते हुए एक ही वाक्य में कई अलग-अलग भाषाओं को मिला देते हैं। इसे कोड-मिक्सिंग कहा जाता है। सरवम एआई का मॉडल Bulbul V3 इस जटिलता को अच्छे से समझता है।
रिपोर्ट के अनुसार,(REF.) इस एआई मॉडल में 35 से ज्यादा हाई क्वालिटी वाली आवाजें मिल जाती हैं, जिन्हें असली भारतीय वॉइस आर्टिस्ट्स की मदद से तैयार किया गया है। चाहे स्थानीय नाम हों, या लोकल भाषाओं के उच्चारण, Bulbul V3 इन्हें बिना किसी गलती के बोलता है।
Bulbul V3 मॉडल भारत की 11 भाषाओं को सपोर्ट करता है और जल्द ही यह सभी 22 आधिकारिक भाषाओं में उपलब्ध होगा। इससे यह सही मायने में भारत का एआई बन जाएगा।
सरवम एआई उन कुछ चुने हुए संस्थानों में से है, जिन्हें भारत सरकार ने 10,300 करोड़ रुपये के इंडिया एआई मिशन में स्वदेशी एआई मॉडल्स बनाने के लिए चुना है। यह मॉडल इसी महीने होने वाले इंडिया-एआई इम्पैक्ट समिट 2026 की तैयारियों का एक हिस्सा भी है। डेवलपर्स इसे 28 फरवरी तक मुफ्त में एक्सेस कर सकते हैं। इस मेड इन इंडिया एआई में वॉइस क्लोनिंग जैसे एडवांस फीचर्स भा मिलने वाले हैं।
