यात्रियों को मिलेगा कैंसिल फ्लाइट के टिकट का रिफंड, सरकार का इंडिगो को आदेश 

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6 दिसंबर को इंडिगो की उड़ानें रद्द होने से हजारों यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।इस बीच विमानन मंत्रालय ने इंडिगो को निर्देश दिया कि रद्द की गई उड़ानों के लिए टिकट के रिफंड की प्रक्रिया शाम तक पूरी कर ली जाए।यानी 7 दिसंबर तक आपको टिकट के पैसे वापस मिल जाएंगे।

सिविल एविएशन मिनिस्ट्री ने इंडिगो से कहा है कि वह रविवार रात 8 बजे तक फ्लाइट्स में रुकावट से प्रभावित यात्रियों के लिए टिकट रिफंड प्रोसेस पूरा करे। साथ ही कहा कि एयरलाइन यह पक्का करे कि फ्लाइट कैंसिल होने की वजह से यात्रियों से अलग किया गया सारा सामान अगले 48 घंटों के अंदर डिलीवर हो जाए।।

इंडिगो को यह भी निर्देश दिया गया कि वह यात्रियों के लिए विशेष सहायता और रिफंड सुविधा केंद्र बनाए।जब तक परिचालन पूरी तरह से स्थिर नहीं हो जाता, स्वचालित रिफंड की प्रोसेस चालू रहेगी।

इसके अलावा, मंत्रालय ने कहा कि एयरलाइन यह सुनिश्चित करे कि उड़ान रद्द होने या देरी की वजह से यात्रियों के छूटे हुए सामान का पता लगाया जाए और अगले 48 घंटों के भीतर उन तक पहुंचाया जाए।

इंडिगो मामले में एविएशन मिनिस्ट्री ने पीएम मोदी को जानकारी दी है। दरअसल मंत्रालय की तरफ से पिछले दो दिनों से लगातार मीटिंग की जा रही हैं।सरकार एयरलाइन पर भारी जुर्माना लगाने की तैयारी में है।

केंद्र सरकार के नए पायलट ड्यूटी नियम (FDTL Phase-2) लागू हो गए और इंडिगो इसके लिए बिल्कुल तैयार नहीं थी। पायलट यूनियन ने जनवरी 2024 में दिल्ली हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की। इसमें पायलट के ज्यादा काम के घंटे और थकान से फ्लाइट सेफ्टी का मुद्दा उठाया। हाईकोर्ट के आदेश के बाद नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन यानी FDTL नियमों में बदलाव किए। यह नियम दो हिस्सों में लागू होने थे।

1 जुलाई 2025 को पायलट्स को आराम देने के लिए फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (FDTL) के नियम लागू किए गए थे।इसके तहत एयरलाइन कंपनियों के लिए पायलटों को हफ्ते में 36 घंटे के बजाय 48 घंटे आराम, यानी दो दिनों का वीकली रेस्ट देना अनिवार्य कर दिया। इस दौरान किसी छुट्टी को वीकली रेस्ट गिनने पर रोक लगा दी थी।मकसद बहुत अच्छा था कि पायलट जितना कम थकेगा, उड़ान उतनी ही सुरक्षित रहेगी। लेकिन इन नियमों ने पायलटों की उपलब्धता ही 15-20% कम कर दी।

FDTL के दूसरे फेज में 1 नवंबर से DGCA) ने पायलटों और अन्य क्रू मेंबर्स के लगातार नाइट शिफ्ट पर भी पाबंदी लगा दी थी।

पहले हफ्ते में 36 घंटे रेस्ट मिलता था, अब 48 घंटे अनिवार्य है। यानी हर पायलट हफ्ते में करीब एक दिन कम उड़ सकता है।
रात की ड्यूटी पहले 12 बजे से सुबह 5 बजे तक मानी जाती थी, अब सुबह 6 बजे तक।यानी पूरा एक घंटा और बढ़ गया।
एक हफ्ते में पायलट सिर्फ 2 नाइट लैंडिंग ही कर सकता है, पहले 6 तक की छूट थी।
लगातार दो रात से ज्यादा नाइट ड्यूटी नहीं की जा सकती।
सबसे खतरनाक नियम कि अगर फ्लाइट रात 12 बजे के बाद 1 मिनट भी चल गई, तो पूरी ड्यूटी नाइट ड्यूटी मान ली जाती थी और पायलट अगले दिन सुबह की 1-2 फ्लाइट्स नहीं उड़ा पाता था।
इसका मतलब एक ही था कि एक पायलट पहले जितनी उड़ानें उड़ा सकता था, अब उतनी नहीं उड़ा पाता है।

5 दिसंबर को देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो की 1,000 से ज्यादा उड़ानें रद्द हुई थीं और 6 दिसंबर को यही स्थिति बनी रही। शनिवार को देश के 4 बड़े एयरपोर्ट दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और बेंगलुरु समेत कई शहरों के एयरपोर्ट्स पर 400 से ज्यादा उड़ानें रद्द हुई हैं।मंत्रालय ने कहा कि रिफंड प्रक्रिया में किसी भी देरी या गैर-अनुपालन पर तत्काल नियामक कार्रवाई की जाएगी। पिछले 4 दिन में 2,000 से ज्यादा फ्लाइट कैंसिल हो चुकी हैं। रोजाना एवरेज 500 फ्लाइट लेट हो रही हैं।

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