गाजा में बंदूकें खामोश हैं, बंधक वापस आ गए, ट्रंप का इजरायली संसद में जोरदार भाषण

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इजरायल-हमास में बंधकों की रिहाई और शांति समझौता होने के मौके पर तेल अवीव पहुंचे हैं। इस दौरान उन्होंने इजरायली संसद नेसेट को भी संबोधित किया। अपने संबोधन के दौरान ट्रंप ने इजरायली बंधकों की रिहाई पर खुशी जताई और कहा कि बंदूकें खामोश हैं और अब हमेशा ऐसी शांति बनी रहेगी। उन्होंने यह भी कहा कि यह इजरायल का स्वर्णिम युग है और उसे इस शांति को बनाकर रखना होगा। हालांकि, इस दौरान ट्रंप ने इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को एक महान नेता करार दिया।
ट्रंप ने अपने भाषण की शुरुआत करते हुए कहा कि अंधेरे और कैद में बिताए दो कष्टदायक वर्षों के बाद, 20 साहसी बंधक अपने परिवारों के गौरवशाली आलिंगन में लौट रहे हैं। वे
इस पवित्र धरती पर हमेशा के लिए विश्राम करने के लिए घर लौट रहे हैं।उन्होंने यह भी कहा कि बंदूकें खामोश हैं। यह क्षेत्र अब शांतिपूर्ण है और उम्मीद है कि हमेशा के लिए ऐसा ही रहेगा।

इस दौरान ट्रंप ने इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को धन्यवाद दिया और हल्के से कटाक्ष भी किया। ट्रंप ने कहा, “मैं असाधारण साहस और देशभक्ति के धनी व्यक्ति के प्रति अपना आभार व्यक्त करना चाहता हूँ, जिनकी साझेदारी ने इस महत्वपूर्ण दिन को संभव बनाने में बहुत योगदान दिया। आप जानते हैं, कि मैं केवल एक ही व्यक्ति की बात कर रहा हूं,प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की।

नेसेट में ज़ोरदार तालियों की गड़गड़ाहट के बीच ट्रंप ने नेतन्याहू को खड़े होने के लिए कहा। ट्रंप ने आगे कहा कि मैं आपको बताना चाहता हूं कि वह आसान नहीं हैं। मैं आपको बताना चाहता हूं कि उनसे निपटना आसान नहीं है, लेकिन यही बात उन्हें महान बनाती है। इस दौरान इजरायली सांसदों ने जमकर ठहाके लगाए।

अपने भाषण के दौरान ट्रंप ने उन अरब देशों का भी धन्यवाद दिया, जिन्होंने बातचीत में मदद की। उन्होंने कहा कि यह एक “अविश्वसनीय विजय” है कि उन्होंने साथ मिलकर काम किया। ट्रंप ने कहा, अब यह इजरायल का स्वर्ण युग होगा। साथ ही पूरे क्षेत्र के लिए भी “स्वर्ण युग” होगा।

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