केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह इन दिनों बिहार दौरे पर हैं. विधानसभा चुनावको लेकर वह नेताओं के साथ-साथ कार्यकर्ताओं से भी मिल रहे हैं. शनिवार को उन्होंने अररिया में संवाद किया और एक सभा को भी संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने एनडीए की सरकार बनने के साथ-साथ सीटों की संख्या को लेकर जो दावा किया है, वह चौंकाने वाला है.
बिहार में एनडीए-बीजेपी की सरकार:दरअसल अमित शाह ने अररिया में अपने संबोधन के दौरान कहा कि ये चुनाव कोसी क्षेत्र को हमेशा के लिए बाढ़ से मुक्त करने का चुनाव है. उन्होंने दावा किया है कि एक बार फिर बिहार में एनडीए की सरकार बनेगी,160 से अधिक सीटों के साथ एनडीए की सरकार बनने जा रही है।केंद्रीय गृहमंत्री ने इसी के साथ ही गठबंधन के लिए लक्ष्य भी निर्धारित कर दिया।
बिहार में एनडीए लगातार 225 प्लस सीट जीतने का दावा कर रहा है, लेकिन अमित शाह ने 225 की बजाय 160 प्लस की बात कही है, जिसके बाद नई बहस शुरू हो सकती है।65 सीट कम कर बोलने के पीछे की क्या वजह हो सकती है, यह चर्चा का विषय है।
केंद्रीय गृहमंत्री ओर बीजेपी नेता अमित शाह का 160 सीटों पर जीतने वाली बात एक अलग दृष्टिकोण से कही गई है।दरअसल बीजेपी 2019 की हारी हुई लोकसभा सीटों को जीतने के लिए पिछले एक साल से ज्यादा समय से मशक्कत कर रही है।इन 160 सीटों पर बीजेपी लोकसभा प्रवास योजना के तहत काम कर रही है।बीजपी इन सीटों पर कितना फोकस कर रही है, उसे इस बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि पार्टी ने 160 सीटों को सी और डी कैटेगिरी में बांट रखा है ।सी और डी कैटेगिरी में 80-80 सीटें रखी गई हैं। इन सीटों पर जेपी नड्डा से लेकर अमित शाह और पीएम मोदी तक की नजर लगी हुई है।
बिहार के अपने इस दौरे के दौरान अमित शाह ने कहा कि बिहार वालों इस बार आपको 4-4 दिवाली मनानी है।पहली दिवाली प्रभु श्रीराम जब लंका से अयोध्या आए, उस दिन मनानी है।दूसरी कल ही मोदी जी ने महिलाओं के खाते में 10-10 हजार रुपये डाले हैंइ सलिए, तीसरी दिवाली इसलिए मनानी है, क्योंकि पीएम मोदी ने जीएसटी में 395 चीजों के दाम 15-20 फीसदी कम कर दिया है और चौथी दिवाली 160 से ज्यादा सीटों के साथ एनडीए-भाजपा सरकार की सरकार बनानी है इसलिए।
अररिया के फारबिसगंज हवाई अड्डे पर कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने घुसपैठिये को लेकर विपक्ष और महागठबंधन पर जोरदार हमला बोला।उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र से बंग्लादेशी घुसपैठियों को विधानसभा चुनाव के बाद भगाना है।राहुल गांधी और तेजस्वी यादव पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि ‘वोटर अधिकार यात्रा’ के बहाने दोनों ‘युवराज’ असल में घुसपैठियों को बचाने के लिए निकले थे।
