तेजस्वी के साथी दल कर रहे 174 सीटों की मांग, कैसे करेंगे मैनेज, मचेगा घमासान!

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बिहार विधानसभा चुनाव से पहले महागठबंधन में सीट बंटवारा को लेकर सभी दलों ने आरजेडी पर प्रेशर डालना शुरू कर दिया है। पिछले चुनाव में आरजेडी ने 140, कांग्रेस ने 70 और बाकी सीटों पर वाम दलों ने चुनाव लड़ा था।आरजेडी और वाम दलों का प्रदर्शन ठीक रहा था लेकिन कांग्रेस 70 में से सिर्फ 19 सीट जीत पाई थी।इस वजह से महागठबंधन सरकार बनाने से चूक गई थी।इस बार भी महागठबंधन में तीनों दल शामिल है और VIP का भी साथ मिला है।इस बार टिकट मांगने वालों की कतार लंबी है। ऐसे में तेजस्वी यादव सीट शेयरिंग को लेकर जारी घमासान को कैसे मैनेज करेंगे इस पर सबकी नजर है।

पूर्णिया के एमपी पप्पू यादव ने शुक्रवार को कहा कि कांग्रेस को सौ सीटों को लक्ष्य बनाकर, कम-से-कम 90 सीटों पर लड़ना चाहिए। बिहार में दलित,अति पिछड़ा, पिछड़ा अल्पसंख्यक, महिला, युवा और सभी समाज के ग़रीब कांग्रेस के भरोसे पर ही महागठबंधन से जुड़ेंगे,अन्यथा उनका भरोसा नहीं जागेगा। बिहार में विपक्ष को सभी वर्ग का वोट चाहिए, तभी बदलाव होगा।

इस पोस्ट से पहले भी कई मौकों पर पप्पू यादव कांग्रेस के लिए 243 में से 100 सीटों की मांग कर चुके हैं,लेकिन, इस बार उन्होंने 90 सीटों की मांग की है।

वाम दल ने की 24 सीटों की मांग की है।कुछ दिन पहले सीपीआई के राष्ट्रीय महासचिव डी राजा ने नेता विपक्ष तेजस्वी यादव से उनके आवास पर मुलाकात की थी।इसमें उन्होंने 24 सीटों की मांग रखी है।

विकासशील इंसान पार्टी (VIP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता देव ज्योति ने महागठबंधन में सीट बंटवारे को लेकर बड़ा बयान दिया है।उन्होंने कहा कि पार्टी ने अपने नेता मुकेश सहनी को सुझाव दिया है कि आगामी बिहार विधानसभा चुनाव में वीआईपी को 60 सीटों पर चुनाव लड़ना चाहिए। यह सुझाव हाल ही में वाल्मीकि नगर में हुई राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में दिया गया।सीट बंटवारे का अंतिम फैसला महागठबंधन समन्वय समिति के अध्यक्ष तेजस्वी यादव और वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी मिलकर लेंगे।

कांग्रेस, VIP और वाम दल की मांग को जोड़ा जाये तो मिलाकर 174 होता है और बिहार में विधानसभा की टोटल सीटें 243 है। बिहार के सियासी गलियारों में चर्चा इस बात की भी है कि पशुपति पारस एनडीए से निकाले जाने के बाद महागठबंधन में आने को बेकरार है।ऐसे में वो भी कम से कम 5 सीट की मांग कर सकते हैं।

विधानसभा चुनाव में अब 3 से 4 महीने का ही वक्त बचा है।महागठबंधन के साथी दल जिस तरह से तेजस्वी पर प्रेशर बना रहे हैं उसे देखकर यह कहना गलत नहीं होगा कि सीट शेयरिंग का फार्मूला बनाना आसान नहीं रहने वाला है।

अक्टूबर-नवंबर में होने वाले चुनाव में कौन सी पार्टी कितनी सीटों पर लड़ेगी यह अभी तय होना बाकी है ,लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो बिहार विधानसभा चुनाव में महागठबंधन में आरजेडी 140, कांग्रेस 52, लेफ्ट पार्टीज (सीपीआईएमएल, सीपीआई, सीपीएम)35 और मुकेश सहनी की वीआईपी 15 सीटों पर लड़ सकती है।हाल ही में एनडीए से अलग हुए अगर पशुपति पारस भी महागठबंधन में आते हैं तो उनको एडजस्ट करके 4-5 सीटें दी जा सकती है।

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