कांग्रेसी पवन खेड़ा ने संघ प्रमुख मोहन भागवत से क्यों माँगा इस्तीफा ?

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न्यूज़ डेस्क
हरियाणा और जम्मू कश्मीर में मतदान के बाद बीजेपी और कांग्रेस के बीच मानो युद्ध शुरू हो गया है। लगातार चुनाव जीतने वाली बीजेपी को जब उसी के मीडिया घराने ने दोनों राज्यों में चुनाव हारने की घोषणा की तब से बीजेपी की परेशानी और भी बढ़ी हुई है। दोनों तरफ से एक दूसरे पर वार किये जा रहे हैं। बीजेपी के लोग लगातार यह कहते जा रहे हैं कि चाहे जो भी एग्जिट पोल हो सरकार तो उन्ही की ही बनेगी।

अब बयानों के इस खेल में कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने बीजेपी के साथ ही संघ प्रमुख को भी घेरा है।पवन खेड़ा ने हरियाणा एग्जिट पोल को लेकर भी बीजेपी पर तंज कसा. उन्होने कहा कि एग्जिट पोल में टीवी चैनल्स मोदी की जगह नड्डा और सैनी की तस्वीर दिखा रहे हैं। इसी से पता चलता है कि बीजेपी की स्थिति कितनी ख़राब है। यही नहीं, ये लोग जम्मू कश्मीर में भी हार रहे हैं. इसलिए जम्मू कश्मीर विधानसभा में पांच सदस्यों का मनोनयन किया गया है। इन्हें जो षड्यंत्र करना है करें, हम वहां सरकार बनाने जा रहे हैं।

पवन खेड़ा ने मोहन भागवत के बयान पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि भागवत सबसे पहले अपने पद से इस्तीफा दें और किसी दलित या आदिवासी को संघ प्रमुख बना दें फिर जाति की समानता की बात करें। हिंदू खतरे में है तो आपसे खतरे में है।

पवन खेड़ा यहीं नहीं रुके। उन्होंने कहा कि कई शहरों में ड्रग्स की बरामदगी, मुंद्रा पोर्ट से सबसे ज्यादा ड्रग्स पकड़े जा रहे हैं। वहां से निकल कैसे रहे हैं? आप सांसद पर ईडी के छापे को लेकर उन्होंने कहा कि ईडी बीजेपी की एडवांस पार्टी है। उन्होंने झारखंड में एनआरसी के मुद्दे पर कहा कि बीजेपी को भटकाने दीजिए, लोगों को पता है कि किन मुद्दों पर वोट करना है।

बता दें कि संघ प्रमुख मोहन भागवत ने शनिवार को राजस्थान के बारा में एक कार्यक्रम में हिंदू समाज से एकजुट होने का आह्वान किया था।

उन्होंने मतभेद भुलाकर एकता पर जोर दिया था। मोहन भागवत ने कहा था कि समाज में अनुशासन, कर्तव्य और लक्ष्य का महत्व है। उन्होंने कहा था कि भारत एक हिन्दू राष्ट्र है और यहां सभी संप्रदायों को सम्मान मिलता है। उन्होंने कहा कि हिंदुओं को खुद को मजबूत करने के लिए भाषा, जाति और प्रांत के भेदभाव को मिटाना होगा।

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