प्रीपेड स्मार्ट मीटर के बहाने नीतीश सरकार को कांग्रेस घेरने की कर रही तैयारी 

0
196

न्यूज़ डेस्क 
बिहार में भले ही किसी के पास काम धाम नहीं नहीं है लेकिन सरकार के बड़े बोल खूब सुनाई पड़ते हैं। सूबे की बड़ी आबादी मजदूरी की तलाश में राज्य दर राज्य घूमते नहर आते हैं और बेइज्जत भी होते हैं लेकिन बिहार के नेताओं के बेढंगे बोल कुछ और ही होते हैं। बिहार में अभी जदयू और बीजेपी की मिलीजुली सरकार है लेकिन बिहार की असली समस्या क्या है इसके बारे में शायद उसे अभी तक पता नहीं है।

गजब कहानी तो यह है कि एक तो राज्य में भारी गरीबी और बेकारी है ऊपर से सरकार ने खुद को स्मार्ट दिखाने के लिये हर घरों में स्मार्ट मीटर लगाकर जनता की तबाही को और भी बढ़ा दी है। लेकिन अब यही प्रीपेड स्मार्ट मीटर अब बिहार सरकार के लिए आफत बनता जा रहा है। 

बिहार में लगाए जा रहे बिजली के प्रीपेड स्मार्ट मीटर को लेकर आरजेडी के बाद प्रदेश कांग्रेस ने भी जन आंदोलन की घोषणा कर दी। बिहार कांग्रेस प्रभारी मोहन प्रकाश ने कहा कि स्मार्ट बिजली मीटर योजना महालूट योजना है।

पटना में एक प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा कि बिहार जैसे गरीब तथा पिछड़े राज्य में प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाया जाना, यहां की जनता पर बहुत बड़ा अत्याचार है, जिसे कांग्रेस पार्टी कभी बर्दाश्त नहीं करेगी। कांग्रेस पार्टी बिहार सरकार के इस स्मार्ट बिजली मीटर योजना का विरोध करती है तथा तत्काल इसे बंद करने की अपील करती है।

उन्होंने कहा कि एक तरफ बिजली कंपनियां नुकसान का दावा करती है, वहीं दूसरी ओर राज्य सरकार द्वारा मिलने वाली सब्सिडी की राशि पर खामोश हो जाती है। बतौर बिहार के ऊर्जा मंत्री 15 हजार करोड़ रुपए की सब्सिडी की धनराशि बिजली कंपनियों को नुकसान के एवज में दी जाती है। आखिर वह धनराशि कहां पहुंचती है। अगर बिजली कंपनियां आज भी नुकसान में हैं तो निश्चित तौर पर सब्सिडी की धनराशि दलाल-ठेकेदार तथा रिश्वत में व्याप्त तंत्र के पास पहुंच जाती होगी। लेकिन, इसका खामियाजा आम जनता को उठाना पड़ रहा है।

उन्होंने कहा कि स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगने के बाद बिहार में बिजली काफी महंगी हो गई है, जिससे आम जनता की जेब कट रही है। महंगाई के इस दौर में आम जनता के लिए स्मार्ट प्रीपेड मीटर एक बड़ी मुसीबत बन गई है। पहले भी बिजली मीटर घरों में लगाए जाते थे। आम जनता उस हिसाब से बिजली दर का भुगतान भी करती थी। आज भी आम जनता खपत की जाने वाली बिजली की पूर्ण भुगतान के लिए तैयार है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी पूरे प्रदेश में चरणबद्ध आंदोलन चलाकर बिहार बिजली स्मार्ट मीटर योजना को बंद करवा कर ही दम लेगी। इसके लिए जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। इसके बाद 16 अक्टूबर को स्मार्ट मीटर प्रीपेड योजना के खिलाफ राज्यस्तरीय धरना-प्रदर्शन का आयोजन किया जाएगा।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here