न्यूज डेस्क: निर्वाचन आयोग ने बुधवार को तीन राज्यों त्रिपुरा, मेघालय और नगालैंड में चुनाव तारीखों का ऐलान कर दिया है। इसके साथ ही तीनों राज्यों में आदर्श आचार संहिता भी लागू हो गयी है। मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने बताया कि त्रिपुरा में 16 फरवरी को, मेघालय और नगालैंड में 27 फरवरी को मतदान होगा। सभी राज्यों के चुनाव परिणाम 2 मार्च को घोषित किये जाएंगे। । तीनों ही राज्यों में 60-60 सदस्यीय विधानसभा है।
त्रिपुरा चुनाव के लिए मतदान 16 फरवरी को होंगे और 2 मार्च को मतगणना होगी। त्रिपुरा चुनाव के लिए अधिसुचना 21 जनवरी को जारी होगी। नामांकन की अंतिम तिथी 30 जनवरी है: मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार pic.twitter.com/BkRA1ygwO2
— ANI_HindiNews (@AHindinews) January 18, 2023
त्रिपुरा में सबसे ज्यादा महिला मतदाता: मुख्य चुनाव आयुक्त
मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने कहा कि तीनों राज्यों में कुल 62.8 लाख मतदाता होंगे। नगालैंड में 13.09 लाख,मेघालय में 21.61 लाख और त्रिपुरा में 28.13 लाख मतदाता होंगे। तीनों राज्यों में कुल 31.47 लाख महिला मतदाता होंगी। इनमें त्रिपुरा में सबसे ज्यादा 13.98 लाख महिला वोटर होंगी। तीनों राज्यों में कुल 1.76 लाख मतदाता ऐसे होंगे, जो पहली बार वोट डालेंगे। मेघालय में सबसे ज्यादा 81,443 मतदाता 18-19 साल के होंगे, जो पहली बार मतदान करेंगे।
नागालैंड, मेघालय और त्रिपुरा में संयुक्त रूप से 62.8 लाख से अधिक मतदाता हैं, जिनमें महिला मतदाताओं की संख्या 31.47 लाख और विकलांग मतदाताओं की संख्या 31,700 शामिल हैं। पहली बार 3 राज्यों में चुनाव में 1.76 लाख से अधिक मतदाता होंगे: मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार pic.twitter.com/X7AwYKo7tJ
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तीनों राज्यों में महिला मतदाताओं की संख्या अधिक
मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने कहा कि तीनों चुनावी राज्यों की खास बात यह है कि यहां पर वोट डालने वाली महिला मतदाताओं की संख्या पुरुषों के मुकाबले ज्यादा रहती है। पिछले विधानसभा चुनाव में वोट डालने वाली महिलाओं की संख्या नगालैंड में 86%, मेघालय में 87% और त्रिपुरा में 91% रही है।
3 राज्यों में बनेंगे 376 मॉडल पोलिंग स्टेशनः चुनाव आयोग
मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने कहा कि बेहतर मतदाता अनुभव और विकलांग और महिला वोटर्स को प्रोत्साहित करने के लिए, कुछ मतदान केंद्र पूरी तरह से विकलांग और महिला कर्मचारियों द्वारा संचालित किए जाएंगे। 3 राज्यों के 376 पोलिंग बूथ महिलाओं के अंडर में होंगी। हर विधानसभा क्षेत्र में इस तरह का एक मॉडल पोलिंग स्टेशन बनाया जाएगा।

