न्यूज़ डेस्क
दिल्ली के सौ से ज्यादा स्कूलों को बम से उड़ने की धमकी ईमेल के जरिये दी गई है। इस खबर के बाद सभी स्कूलों में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किये गए हैं और बम निरोधक दस्ता पहुंचकर स्कूलों की जांच भी की है। हालांकि अभी तक कही से भी कोई अप्रिय घटना की खबर नहीं आई है। माना जा रहा है कि कोई आतंकी संगठन चुनाव के समय में कुछ गड़बड़ करने के लिहाज से इस तरह की बातें की है।
उधर स्कूलों को जो मेल मिले हैं वह काफी डरावना भी है। मेल में कहा गया है कि “हमारे हाथों में जो लोहा है वह हमारे दिलों को गले लगाता है। इंशाअल्लाह, हम इन्हें हवा में उड़ा कर तुम्हारे शरीर के टुकड़े-टुकड़े कर देंगे। तुम्हारे घिनौने शरीरों को चीर देंगे। हम तुम्हारी गर्दन और चेहरे को फाड़ देंगे। अल्लाह की मर्जी हुई तो हम तुम्हें आग की लपटों में डाल देंगे। जिससे तुम्हारा दम घुट जाएगा। काफिरों के लिए जहन्नुम में अलग आग है। काफिरों, इंशाअल्लाह, तुम इसी आग में हमेशा के लिए जल जाओगे। आगे लिखा कि आपके द्वारा पैदा की गई बुराई से धुआं आसमान में उतरेगा। आपके पास बहुत सारा खाली लोहा है, किसी भी मात्रा में किसी भी शून्य में कोई शक्ति नहीं है, यह सब दूर जा रहा है। क्या तुमने सच में सोचा था कि बचपन से तुमने जो भी बुराइयां की हैं, उसका कोई जवाब नहीं होगा, हमारे दिलों में जिहाद की आग जला दी गई है। हम वह आग बन गए हैं, इंशाअल्लाह जो सिर्फ बदले की वकालत करता है।”
धमकी भरे ईमेल मिलने के बाद स्कूलों की छुट्टी कर दी गई, छात्रों को आनन-फानन घर भेज दिया गया। उधर, स्कूल पहुंचे अभिभावक भी बहुत परेशान दिखे। हालांकि पुलिस ने अभिभावकों से कहा है कि वो बिल्कुल न घबराएं।
बम थ्रेट के बाग सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई और मौके पर मौजूद है। स्कूलों की जांच की जा रही है, कई स्कूलों की जांच में कुछ नहीं मिला है। स्कूलों में बम की खबर मिलने की सूचना पर गृह मंत्रालय की भी नजर बनाए है। साइबर टीम ने ई-मेल की आईपी एड्रेस का पता लगा लिया है। प्राथमिक जांच के मुताबिक, धमकी का मेल रूस से आया है।
उधर, दिल्ली के एलजी ने पुलिस कमिश्नर से बात की है, साथ ही दिल्ली-एनसीआर के स्कूलों में बम धमकियों के बारे में विस्तृत रिपोर्ट मांगी। दिल्ली पुलिस को स्कूल परिसरों में गहन तलाशी लेने, दोषियों की पहचान करने और यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि कोई चूक न हो। आइए आपको बता दें कि उस मेल में क्या लिखा है।

