Homeदेशसुप्रीम कोर्ट ने ईवीएम और वीवीपीएटी मामले में सभी याचिकाएं खारिज की

सुप्रीम कोर्ट ने ईवीएम और वीवीपीएटी मामले में सभी याचिकाएं खारिज की

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चुनाव के दौरान इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के जरिए डाले गए वोटों के साथ वोटर-वेरिफिएबल पेपर ऑडिट ट्रेल (वीवीपीएटी) पर्चियों का मिलान करने के निर्देश देने की मांग वाली कई याचिकाएं सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की गई थीं।इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट में दोबारा मत पत्र से चुनाव कराने की अनुमति मांगने वाली याचिकाएं भी दाखिल की गई थी।
सुप्रीम कोर्ट ने 18 अप्रैल को इसपर सुनवाई पूरी कर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने अपने फ़ैसले को सार्वजनिक कर दिया।ईवीएम से जुड़े सभी याचिकाओं के साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने मतपत्र से चुनाव कराने की अनुमति मांगने वाली याचिकाओं को भी खारिज कर दिया।इस तरह सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग के स्वतंत्र संवैधानिक संस्था होने की वजह से उसके मामले में अनावश्यक हस्तक्षेप नहीं करने की कही बातों को मूर्तरूप में उतर दिया।

मतदान प्रक्रिया पर आंख मूंदकर अविश्वास करना अनुचित

सुप्रीम कोर्ट ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के वोटों की वोटर वेरिफिएबल पेपर ऑडिट ट्रेल (वीवीपीएटी) पर्चियों से 100 प्रतिसत सत्यापन की मांग वाली सभी याचिकाएं खारिज कर दीं। सुप्रीम कोर्ट ने ईवीएम से डाले गए वोटों का वीवीपीएटी से पूर्णरूपेण पुन:सत्यापन कराने संबंधी याचिकाओं पर शुक्रवार को अपना फैसला सुनाया और याचिकाएं खारिज कर दी। कोर्ट ने कहा कि ईवीएम के माध्यम से डाले गए वोटों का वीवीपीएटी से पुन: पूर्णरूपेण सत्यापन कराने की मांग वाली याचिकाओं पर सहमति वाले दो फैसले हैं।मामले की सुनवाई के दौरान शीर्ष कोर्ट ने कहा कि लोकतंत्र का अर्थ सद्भावना बनाना है और मतदान प्रक्रिया पर आंख मूंदकर अविश्वास करना अनुचित संदेह को जन्म दे सकता है।

दुबारा मतपत्र से नहीं होगा चुनाव

ईवीएम के माध्यम से डाले गए वोटों का वीवीपीएटी से पुन: पूर्णरूपेण सत्यापन कराने की मांग वाली याचिकाओं पर सहमति वाले दो फैसले हैं।यह फैसला जस्टिस संजीव खन्ना की अध्यक्षता वाली बेंच ने सहमति से दिया है।सुप्रीम कोर्ट ने बैलेट पेपर से मतदान की वापसी की याचिका की प्रार्थना भी खारिज करने का काम किया। न्यायमूर्ति खन्ना ने फैसला सुनाते हुए कहा कि कोर्ट ने सभी याचिकाओं को खारिज कर दिया है जिनमें दोबारा मतपत्रों से चुनाव कराने की प्रकिया पुन: अपनाने का अनुरोध करने वाली याचिका भी शामिल है।

क्या है वीवीपीएटी जानें

वीवीपीएटी की बात करें तो यह एक स्वतंत्र वोट सत्यापन प्रणाली है। इसके जरिए वोट देने वाला यह जान सकता है कि उनका वोट उसी व्यक्ति को गया है या नहीं, जिसे उसके द्वारा वोट दिया गया है।

वीवीपीएटी कैसे करता है काम

वोटिंग प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के लिए इस प्रणाली को यूज में लाया गया है। यह मशीन ईवीएम से कनेक्ट कर दिया जाता है।जैसे ही मतदाता वोट डालता है, वैसे ही उससे एक पर्ची निकलती है।इस पर्ची की बात करें तो इसमें उस उम्मीदवार का नाम और चुनाव चिन्ह होता है, जिसे उसने अपना कीमती वोट दिया है।

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