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वरुण गाँधी को पीलीभीत से बीजेपी ने टिकट काट दिया है। बीजेपी आगे क्या करेगी यह तो वक्त ही बताएगा। लेकिन कांग्रेस ने वरुण गाँधी को खुला ऑफर दिया है।
बीजेपी ने वरुण गांधी के स्थान पर 2021 में पार्टी शामिल हुए जितिन प्रसाद को मौका दिया है। जो प्रदेश की योगी सरकार में मंत्री भी हैं। बीजेपी की 5वीं लिस्ट से वरुण गांधी का नाम गायब होना ही सबसे बड़ी खबर थी। लेकिन अब तक वरुण गांधी का कोई बयान नहीं आया है।
वरुण गांधी के बारे में पहले चर्चा थी कि बीजेपी से टिकट न मिलने पर वह निर्दलीय ही चुनावी मैदान में उतर सकते हैं। वरुण के निजी सचिव की ओर से नामांकन पत्रों के 4 सेट भी खरीदने की बात सामने आई थी। लेकिन अब वरुण का रुख बदलता हुआ नजर आ रहा है।
वरुण गांधी को कांग्रेस पार्टी की ओर से खुला ऑफर भी मिला है। लेकिन वह भारतीय जनता पार्टी से बागी होकर न तो निर्दलीय लड़ेंगे और न ही किसी दूसरे पार्टी में फिलहाल जाएंगे। वरुण के करीबी सूत्रों का कहना है कि बीजेपी से टिकट कटने पर वह खुद को छला हुआ महसूस कर रहे हैं।
वरुण को उम्मीद थी कि पीलीभीत से उनको फिर चुनाव लड़ने का मौका मिलेगा। लेकिन अब वह दिल्ली से पीलीभीत भी नहीं आ रहे हैं। हालांकि पहले यह खबर थी कि वरुण ने अपने सचिव को भेजकर नामांकन पत्र मंगवाएं हैं। इसके अलावा पीलीभीत लोकसभा क्षेत्र के हर गांव से दो कारों और 10 बाइकों के साथ समर्थकों को तैयार रहने को कहा था।
अब ऐसा माना जा रहा है कि वरुण गांधी का इरादा बदलता नजर आ रहा है। इसकी एक मुख्य वजह यह है कि बीजेपी ने वरुण को टिकट तो दिया नहीं और इसके साथ ही खुलकर बागी होने का मौका भी नहीं दिया है।
दरअसल बीजेपी ने सुल्तानपुर लोकसभा सीट से वरुण की मां मेनका गांधी को टिकट दिया है। ऐसे में वरुण गांधी को लगता है कि यदि अब वह पार्टी लाइन से अलग हटे तो फिर उनकी मां मेनका गांधी पर भी इसका असर होगा। ऐसी स्थिति में फिलहाल वह चुप ही रहना चाहते हैं। वरुण गांधी के अगले कदम की अभी कोई जानकारी नहीं है। लेकिन यह तय माना जा रहा है कि वरुण चुनाव नहीं लड़ेंगे।
इस बीच कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने वरुण गांधी को खुला ऑफर दिया है। अधीर रंजन ने कहा कि वरुण गांधी का संबंध गांधी फैमिली से है। इसलिए बीजेपी ने उन्हें टिकट नहीं दिया है। यदि वरुण कांग्रेस में आना चाहें तो हम उनका स्वागत करेंगे।
उन्होंने आगे कहा वरुण गांधी को कांग्रेस में आना चाहिए। यदि वह आए तो हमें खुशी होगी। वरुण गांधी एक कद्दावर और बेहद काबिल नेता हैं। हम चाहते हैं कि वरुण गांधी अब कांग्रेस में आ जाएं। जानकारी के लिए बता दें कि कि पीलीभीत सीट में पहले चरण में मतदान होना है। वही 27 मार्च को नामांकन की आखिरी तारीख है। अब तक वरुण गांधी कैंप की हलचल बता रही है कि वह लोकसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे।
