किसान आंदोलन को लेकर केंद्र और पंजाब सरकार के बीच भी आरोप प्रत्यारोप का दौर जारी है।केंद्रीय गृह मंत्रालय ने मंगलवार शाम को पंजाब सरकार को एक खत लिखा था और कानून व्यवस्था पर चिंता जताई थी। केंद्र सरकार ने कहा था कि राज्य सरकार किसानों को बॉर्डर पर पहुंचने दे रही है। इसके अलावा उपद्रवियों को पत्थरबाजी करने और कानून व्यवस्था खराब करने की छूट दी जा रही है।इसपर पंजाब सरकार ने जवाब दिया है और उल्टे केंद्र से ही कहा है कि आंदोलनकारी पर आपको नरम रुखअपनाने की जरूरत है।
केंद्र को जवाब में क्या बोली पंजाब की आम आदमी पार्टी की सरकार
पंजाब सरकार के मुख्य सचिव ने केंद्रीय गृह मंत्रालय को जवाब दिया कि किसानों पर थोड़ी नरमी बरतने की जरूरत है।उन्होंने कहा कि बॉर्डर पर बैरिकेडिंग है, इसलिए किसान वहीं पर हैं। हम उन्हें बॉर्डर पर पहुंचा रहे हैं, या फिर कानून व्यवस्था खराब है, ऐसी बातें कहना गलत है।पंजाब सरकार ने राज्य में कानून व्यवस्था को बनाए रखा है पंजाब की आम आदमी पार्टी की सरकार ने कहा कि हम तो किसानों के साथ केंद्र की वार्ता में भी मदद कर रहे हैं।
किसान नेताओं ने केंद्र सरकार के साथ वार्ता को लेकर रख दी शर्त
केंद्र सरकार की ओर से पांचवें राउंड की वार्ता का प्रस्ताव रखे जाने पर किसानों ने भी जवाब दिया है।शंभू बॉर्डर पर डटे किसान आंदोलनकारी नेताओं ने धरना स्थल पर मीटिंग की और अब केंद्र सरकार को जवाब दिया है। जवाब में किसान आंदोलनकारी ने वार्ता के लिए एक शर्त रख दी है।किसानों का कहना है कि यदि आप फिर से वार्ता चाहते हैं तो हम बैठने के लिए तैयार हैं। लेकिन इससे पहले आपको यह बताना होगा कि एमएसपी की लीगल गारंटी को लेकर आपकी क्या राय है। यही नहीं सरकार बताएं कि वह किसानों को एमएसपी की गारंटी किस तरह से देगी और उसे लागू करने का क्या फार्मूला होगा,? किसान नेताओं ने कहा कि हम हर मसले पर बैठने के लिए तैयार है, लेकिन सरकार मांगों पर आगे भी बड़े। उन्होंने कहा कि अब तक सरकार ने एमएसपी को लेकर कोई ठोस प्रस्ताव नहीं दिया है।
खनोरी बॉर्डर पर फिर बिगड़ा माहौल, एक आंदोलनकारी की मौत, कई जख्मी
किसान आंदोलनकारी ने सरकार के प्रस्ताव पर शर्त रखते हुए खनौरी बॉर्डर पर बैरीकेडिंग तोड़कर आगे बढ़ाने की कोशिश भी की है, इस पर हरियाणा पुलिस की ओर से आंसू गैस के गोले दागे गए हैं और पैलेट गन भी चली है। इस एक्शन में एक प्रदर्शनकारी घायल हो गया था, जिसकी इलाज के दौरान मौत हो जाने की बात कही जा रही है।हरियाणा पुलिस के एक्शन में करीब 20 आंदोलनकारी भी जख्मी हुए हैं ।घायल आंदोलनकारी को अस्पताल में एडमिट कराया गया है और किसान नेता जगजीत सिंह दल्लेवाल खुद इन लोगों से मिलने वहां पहुंचे हैं ।हालांकि हरियाणा सरकार ने किसी भी किसान के किसी भी घटना में मौत होने की बात से इनकार किया है।

