न्यूज़ डेस्क
मध्यप्रदेश के श्योपुर जिले में स्थित कूनो राष्ट्रीय उद्यान में नामीबिया से लायी गयी चीता ने तीन शावकों को जन्म दिया है।केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने सोशल मीडिया के जरिए आज स्वयं इस बात की पुष्टि की है। उन्होंने नए शावकों का वीडियो शेयर करते हुए कहा कि नामीबिया से लायी गयी ज्वाला नाम की मादा चीता ने तीन शावकों को जन्म दिया है। इसके कुछ सप्ताह पहले ही नामीबिया से लायी गयी एक अन्य मादा चीता आशा ने भी शावकों को जन्म दिया था।
यादव ने भारत में चीता पुनर्वास योजना से जुड़े सभी लोगों और राष्ट्रीय उद्यान के संबंधित अधिकारियों कर्मचारियों को इस उपलब्धि के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।
देश में आजादी के कुछ वर्षों बाद से चीता विलुप्त हो चुके थे। लगभग दो वर्ष पहले भारत में चीतों की फिर से बसाहट के लिए कूनो राष्ट्रीय उद्यान को चुना गया है और यहां पर दक्षिण अफ्रीका तथा नामीबिया से चीते लाए गए हैं। इनकी देखभाल विशेषज्ञों के निगरानी के बीच की जा रही है।
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी प्रदेश में चीतों के कुनबे में वृद्धि होने पर प्रदेशवासियों को बधाई दी है।डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा कुनो में शुरू किया गया अभिनव प्रकल्प चीता प्रोजेक्ट सफल हो रहा है।
एशिया से गायब हुए चीता मध्यप्रदेश के पारिस्थितिक तंत्र में न सिर्फ फल फूल रहा है, बल्कि वंश वृद्धि में भी लगा है। यह प्रदेश के लिए सौभाग्य की बात है। कुनो में मादा चीता ज्वाला ने 3 नन्हे चीता शावकों को जन्म दिया है। प्रदेश में चीता प्रजाति के प्राणियों की संख्या अब 21 हो गई है।

