बैकफुट पर मालदीव,टूरिज्म इंडस्ट्री की भारत से गुहार

0
117

 

तरफ से पीएम मोदी पर किए गए आपत्तिजनक बयान के बाद अब पूरा मालदीप बैकफुट पर आ गया है।पहले तो ऐसे आपत्तिजनक बयान देने वाले तीन मंत्रियों को मालदीव सरकार द्वारा निलंबित किया गया और अब देश का टूरिज्म विभाग घुटनों के बल आ गया है। विभाग की तरफ से भारत से गुहार लगाया जा रहा है। मालदीप एसोसिएशन ऑफ टूरिज्म इंडस्ट्री (माटी) ने कहा है कि वह मालदीव के कुछ मंत्रियों द्वारा भारत के प्रधानमंत्री को लेकर की गई आपत्तिजनक टिप्पणियों की कड़ी निंदा करता है।इसके अलावा मालदीव का विपक्ष भी पूरी तरह से इस बात को लेकर सरकार पर हमलावर है और सरकार पर भारत से मिलकर इसके निदान ढूढने के लिए दबाव बना रहा है।

मालदीव के मंत्रियों की अपमानजनक टिप्पणियों की कड़ी निंदा करता है माटी

मालदीव एसोसिएशन ऑफ टूरिज्म इंडस्ट्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कहा कि मालदीव के कुछ उपमंत्रियों की ओर से भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ-साथ भारत के लोगों के प्रति की गई अपमानजनक टिप्पणियों की यह कड़ी निंदा करता है।माटी ने मंत्रियों के बयान पर खेद जाहिर किया है।इसने अपने बयान में कहा कि भारत हमारा सबसे नजदीक का पड़ोसी होने के साथ-साथ हमारे अहम सहयोगियों में से एक है। भारत ने हमेशा संकट की घड़ी में मालदीव की मदद की है।

कैट की सलाह मालदीप से व्यापार करने से परहेज करें भारतीय व्यापारी

गौरतलब है कि भारत- मालदीव राजनयिक तनाव के बीच व्यापारियों के संगठन कनफेडरेशन आफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने भारतीय व्यापारियों से मालदीव से कारोबार में परहेज करने की सलाह दी है। कैट के महासचिव प्रवीण खंडेवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी व्यापारिक समुदाय को कतई स्वीकार्य नहीं है।उन्होंने कहा कि बहिष्कार का आह्वान का उद्देश्य भारत के प्रति एकजुटता जताना और ऐसी अपमानजनक व्यवहार के खिलाफ अस्वीकृति दर्ज करना है।

पूर्व उपराष्ट्रपति अदीब ने मालदीव सरकार को भारत से माफी मांगने की दी सलाह

भारत के तल्ख रवैया को देखते हुए मालदीव का टूरिज्म विभाग पहले ही घुटनों के बल आ गया है, तो वहीं देश के पूर्व उपराष्ट्रपति अहमद अदीब भी मालदीव सरकार को खरी- खोटी सुना रहे हैं। उन्होंने भारतीय प्रधानमंत्री के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियों को अस्वीकार्य करार दिया है, साथ ही उन्होंने कहा कि मालदीप सरकार को भारत सरकार से माफी मांगने चाहिए थी।उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू को भारतीय नेता से बात कर इस राजनयिक संकट को सुलझाना चाहिए था। गौरतलब है कि राष्ट्रपति मुइज्जू इस समय चीन दौरे पर गए हुए है । पूर्व राष्ट्रपति अजीब ने कहा कि विपक्षी नेताओं ने भारतीय नेता के खिलाफ घटिया भाषा का इस्तेमाल किया जो निंदनीय है। उन्होंने कहा कि मेरा मानना है कि यह कभी नहीं होना चाहिए था।यह किसी भी तरह से स्वीकार्य नहीं है। मेरा मानना है कि मालदीव सरकार को इस पर कड़ी कार्रवाई कर और तेजी से प्रतिक्रिया देनी चाहिए थी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here