इंडिया गठबंधन के दिल्ली मीटिंग में मिशन संयोजक फेल,सीट शेयरिंग अब 31 दिसंबर 31 को

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बीरेंद्र कुमार झा

लोकसभा चुनाव 2024 से पहले दिल्ली में विपक्षी दलों के गठबंधन इंडिया की बैठक मंगलवार को देर शाम खत्म हो गई। 28 दलों की इस बैठक में आगामी आम चुनावों के मद्देनजर रणनीति और चेहरे को लेकर चर्चा हुई। गठबंधन की मीटिंग के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि देशभर में 8 से 10 जनसभाएं होंगी। 28 दलों के नेताओं ने अपने विचार रखे। खड़गे ने कहा कि 28 विपक्षी दलों के नेताओं की बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि इंडिया गठबंधन को कैसे आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस बैठक में सांसदों के निलंबन पर भी चर्चा हुई। ‘इंडिया’ गठबंधन की ओर से प्रधानमंत्री पद का चेहरा होने की संभावना संबंधी सवाल पर खड़गे ने कहा कि पहले हमें जीतना होगा और बहुमत हासिल करना होगा, उसके बाद सांसद लोकतांत्रिक रूप से फैसला करेंगे।

खड़गे ने ‘इंडिया’ गठबंधन की बैठक के बाद कहा कि चाहे तमिलनाडु हो, या केरल, तेलंगाना, बिहार, उत्तर प्रदेश, दिल्ली और पंजाब,सीट बंटवारे संबंधी मुद्दों को सुलझा लिया जाएगा। हम सांसदों के निलंबन के खिलाफ 22 दिसंबर को देशव्यापी विरोध प्रदर्शन करेंगे। सूत्रों के अनुसार जो जानकारी मिल रही उसके अनुसार सीट बंटवारे की डेडलाइन तय कर दी गई है। 31 दिसंबर तक सीट बंटवारे पर जोर दिया गया।

ममता और केजरीवाल ने बढ़ाया खड़गे पीएम उम्मीदवार के रूप में नाम

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार को विपक्षी गठबंधन इंडिया की ओर से प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के नाम का प्रस्ताव दिया। कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे ने कहा कि सबसे पहले जीतना अहम है और बाकी चीजों पर बाद में फैसला किया जा सकता है। सूत्रों ने बताया कि इस मुद्दे पर कोई अंतिम निर्णय नहीं हो सका है। गठबंधन के प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाए जाने के प्रस्ताव के बाद खड़गे ने कहा मैं वंचितों के लिए काम करता हूं। पहले जीतें, फिर देखेंगे। मैं कुछ भी नहीं चाहता हूं। एमडीएमके नेता वायको ने बैठक के बाद बताया कि ममता बनर्जी और केजरीवाल ने खड़गे के नाम का प्रस्ताव दिया।

22 दिसंबर को पूरे देश भर में होगा प्रदर्शन

खड़गे ने कहा कि इतनी संख्या में विपक्षी सदस्यों को निलंबित करने की निंदा करते हुए एक प्रस्ताव पारित किया गया कि यह सरकार का एक अलोकतान्त्रिक कदम है, इसके खिलाफ लड़ना है।

उन्होंने कहा हम यही कह रहे हैं कि प्रधानमंत्री या गृह मंत्री सदन में आकर सुरक्षा चूक की घटना पर बयान दें… ऐसा कभी नहीं हुआ कि सत्र के दौरान दूसरी जगहों पर भाषण दें और सदन में नहीं आएं। उन्होंने कहा कि सांसदों के निलंबन के खिलाफ 22 दिसंबर को अखिल भारतीय प्रदर्शन होगा।

31 दिसंबर तक तय हो जायेगा सीट शेयरिंग का फॉर्मूला

विपक्षी गठबंधन इंडिया के दिल्ली सम्मेलन से पूर्व इस बात का अंदाजा लगाया जा रहा था कि शायद इस मीटिंग में सीट शेयरिंग पर कोई फैसला आ जाएगा, लेकिन जब मीटिंग समाप्त हुआ तब ऐसा कुछ नहीं हो पाया ।अलग-अलग घटक दलों के अपने अलग-अलग राय थे। ऐसे में यह तय किया गया कि सीट शेयरिंग का फार्मूला 31 दिसंबर तक तय कर लिया जाएगा। खड़गे ने बैठक के बाद कहा कि पहले प्रदेश स्तर पर सीटों के तालमेल पर बात होगी और अगर कोई मुद्दा आया, तो राष्ट्रीय स्तर पर बात होगी। इस बीच ममता बनर्जी ने सीट शेयरिंग को लेकर कहा कि कांग्रेस 300 सीटों पर चुनाव लड़ सकती है, लेकिन जिन क्षेत्रों में क्षेत्रीय पार्टियों प्रमुख हैं,वहां कांग्रेस को त्याग भावना से भी काम लेना पड़ेगा।

चुनावी प्रक्रिया की देखरेख के लिए महत्वपूर्ण संयोजक का भी नहीं हुआ चुनाव

विपक्षी गठबंधन इंडिया के दिल्ली बैठक से पहले यह माना जा रहा था कि गठबंधन आगे चुनाव में किस प्रकार की रणनीति के तहत चुनाव मैदान में उतरेगा, इसके नियंत्रण के लिए एक संयोजक का चुनाव इंडिया गठबंधन कर सकती है। खासकर नीतीश कुमार खेमे के द्वारा इसके लिए भरपूर प्रयास भी किया गया।पोस्टरबाजी तक हुई, लेकिन इसका कोई असर इंडिया गठबंधन पर नहीं पड़ा और बैठक के अंत तक ऐसे किसी पद की घोषणा नहीं की गई। माना जाता है कि इस बात से खफा होकर नीतीश कुमार और लालू प्रसाद यादव मीटिंग के समाप्ति के उपरांत होने वाले प्रेस कॉन्फ्रेंस से पहले ही वहां से निकल कर चले आए।

 

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