बीरेंद्र कुमार झा
संसद की सुरक्षा में चूक मामले को लेकर गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है। दिल्ली पुलिस ने इस घटना को लेकर जो एफआईआर दर्ज की है ,उसमें भी कई सारे खुलासे किए गए हैं।इसमें बताया गया है कि स्मोक कैन के छिपा कर ले जाने के लिए कैसे जूते के अंदर जगह बनाई गई और उसे सपोर्ट देने के लिए रबर की परत भी लगाई गई। पुलिस ने एफआईआर में उल्लेख किया है कि स्मोक कैन को इस्तेमाल करते वक्त चश्मा और दस्ताना ने पहनना जरूरी है। इसमें यह भी चेतावनी दी गई है कि उसे कभी भी घर के अंदर या बंद जगह पर व्यवहार नहीं कर सकते हैं और इसे केवल खुली जगह पर ही छोड़ने की चेतावनी दी गई है।
पुलिस को विदेशी हाथ होने का संदेह
पुलिस अधिकारियों का मानना है इस मामले में सबसे बड़ी चुनौती यह है कि ललित झा ने सरेंडर करने पूर्व सभी आरोपियों के मोबाइल फोन को नष्ट कर दिया है। साथ ही अभी तक नष्ट हुआ मोबाइल फोन भी नहीं मिल पा रहा है ।ऐसी स्थिति में इस साजिश का पता लगाने और इससे संलिप्त अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटाने में कठिनाई उत्पन्न हो रही है। आरोपियों ने जिस तरह से साजिश रची थी और घटना से पहले इसकी रेकी करने के लिए कई बार दिल्ली का दौरा किया था, उससे पुलिस को इसमें विदेशी ताकत होने का संदेह है। साथ ही घटना में प्रयुक्त केन बम का मेड इन चाइना होना भी इस बात का इशारा करता है की हो ना हो कुछ विदेशी और देश विरोधी विदेशी संगठन इससे जुड़ा हुआ हो।मोबाइल के प्राप्त नहीं होने की स्थिति में,फिलहाल पुलिस इन्हीं तथ्यों को जोड़-जोड़ कर इस मामले से जुड़े सभी संदिग्धों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
क्या है घटना
13 दिसंबर को सागर शर्मा और मनोरंजन डी नाम के दो लड़के दर्शक दीर्घा से लोकसभा कक्षा में कूद गए थे। इन दोनों ने नारे लगाए और स्मोकिंग बम छोड़े जिससे चारों ओर पीला धुआं फैल गया। यह देखकर सांसदों में घबराहट फैल गई, मगर दोनों आरोपियों को सांसदों ने सदन के अंदर ही पकड़ लिया। एफआईआर में कहा गया है कि दोनों के पास से कुछ पर्चे भी मिले हैं। इसमें अंग्रेजी में जय हिंद लिखा है। इनके पास से तिरंगे की भी तस्वीर मिली है।साथ ही आंशिक रूप से फटे और क्षतिग्रस्त पर्चे पर मणिपुर मुद्दे को लेकर अंग्रेजी में नारे लिखे हैं।यह सब दो अलग-अलग प्लास्टिक कवर में रखा गया था, जिसे जप्त कर लिया गया है।
