बीरेंद्र कुमार झा
संसद का शीतकालीन सत्र 4 दिसंबर से 22 दिसंबर तक चलेगा।इसमें विपक्ष कई मुद्दों को लेकर सरकार को घर सकते हैं।प्राप्त जानकारी के अनुसार सरकार की ओर से संसदीय कार्य मंत्री प्रहलाद जोशी ने संसद के शीतकालीन सत्र को लेकर 2 दिसंबर को सुबह 11:00 बजे सर्वदा लिए बैठक बुलाई है। हालांकि सर्वदलीय बैठक,सत्र शुरू होने से एक दिन पहले बुलाई जाती है, लेकिन इस बार 3 दिसंबर को पांच राज्यों में वोटो की गिनती के कारण इसे एक दिन पहले बुलाया गया है।
विधानसभा चुनाव के नतीजे का शीतकालीन सत्र पर दिखेगा असर
पांच राज्यों में हो रहे विधानसभा चुनाव के नतीजा का भी शीतकालीन सत्र पर पड़ा असर देखने को मिल सकता है, क्योंकि एक तरफ सरकार प्रमुख विधायकों को पारित करने का प्लान तैयार कर चुकी है,वही विपक्ष इन चुनाव में अपनी जीत के मंसूबे पल रही है।ऐसे में अगर उनके मंसूबे कुछ हद तक भी पूरे हुए तो वह सरकार द्वारा लाए जा रहे विधेयकों के पास करने में भरपूर हंगामा खड़ा कर देगी। माना जा रहा है कि टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा के खिलाफ कैस फॉर क्वेरी के आरोपों पर आचार समिति की रिपोर्ट संसद के शीतकालीन सत्र में लोकसभा में पेश की जाएगी।
इन विधायकों को किया जा सकता है पेश
संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान सरकार आईपीसी, सीआरपीसी और साक्ष्य अधिनियम की जगह लेने वाले तीन प्रमुख विधेयकों पर विचार कर सकती है।ऐसा इसलिए क्योंकि गृह मामलों की स्थाई समिति ने कुछ दिन पहले ही तीन रिपोर्ट को अपनाया है।संसद में लंबित एक अन्य प्रमुख विधेयक की बात करें तो यह मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्त की नियुक्ति से संबंधित है।
महुआ मोइत्रा मामले को लेकर विपक्ष कर सकता है हंगामा
गौरतलब है की टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा के खिलाफ केस फॉर क्वेरी आरोपों पर विपक्षी राजनीतिक दल एकजुट होकर मोदी सरकार को घेर सकता है।इस मामले पर टीएमसी के साथ-साथ अन्य पार्टियों के सांसद मिलकर हंगामा कर सकते हैं।

