बीरेंद्र कुमार झा
तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा पर बिजनेसमैन दर्शन हीरानंदानी ने गंभीर आरोप लगाकर खलबली मचा दी है।हालांकि टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने भी इस पर पटवार किया है। उन्होंने प्रधानमंत्री कार्यालय पर बिजनेसमैन पर दबाव बनाने का आरोप लगाया है। महुआ मोइत्रा ने हीरानंदानी के हलफनामी की विश्वसनीयता पर सवाल उठाया है।उन्होंने कहा की हलफनामा कागज के एक सफेद टुकड़े पर है, जिसमें कोई लेटर हेड नहीं है।
महुआ मोइत्रा ने हीरानंदानी के दावे किए खारिज
दो पन्नों की प्रेस विज्ञप्ति में महुआ मोइत्रा ने कहा कि ऐसे धनी सफल व्यवसायी हीरानंदानी जिनकी हर मंत्री और पीएमओ तक सीधी पहुंच है, उन्हें पहली बार के सांसद को उपहार देने और उनकी मांगों को पूरा करने के लिए क्यों मजबूर किया जाएगा। यह पूरी तरह से तर्कहीन है। यह पत्र पीएमओ द्वारा तैयार किया गया था, ना कि दर्शन हीरानंदानी द्वारा। मोइत्रा ने उन दावों को भी खारिज किया जिसमें कहा गया है कि उन्होंने बिजनेसमैन से नकद और उपहार लिए थे।
मोइत्रा ने पीएमओ के लोगों पर लगाए गंभीर आरोप
टीएमसी सासंद महुआ मोइत्रा ने आरोप लगाया कि पीएमओ ने दर्शन हीरानंदानी और उसके पिता के सिर पर बंदूक तान दी और उनके भेजे गए पत्र पर हस्ताक्षर करने के लिए 20 मिनट का समय दिया ।मोइत्रा ने आरोप लगाया कि उन्हें उनके सभी कारोबार पूरी तरह से बंद करा देने की धमकी दी गई।
अडानी मुद्दे पर मेरा मुंह बंद करना चाहती है बीजेपी सरकार
महुआ मोइत्रा ने आगे आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार बेसब्री से इंतजार कर रही है कि किसी तरह अदानी मुद्दे पर मेरा मुंह बंद कर दिया जाए।यह हलफनामा स्पष्ट रूप से पीएमओ में कुछ आधे अधूरे लोगों द्वारा तैयार किया गया है ,जो बीजेपी के आईटी सेल में एक रचनात्मक लेखन के रूप में काम करते हैं महुआ मोइत्रा ने कहा कि यदि दर्शन हीरानंदानी के पास गंभीर आरोप और उसकी स्वीकारिक्ति थी तो उन्होंने एक प्रेस कांफ्रेंस आयोजित की होती। इसके चैनल को लीक नहीं किया जाता ।उन्होंने पूछा कि दर्शन हीरानंदानी को अभी तक सीबीआई या एथिक्स कमिटी या वास्तव में किसी भी जांच एजेंसी ने तालब नहीं किया है, फिर उन्होंने यह हलफनामा किसे दिया है गौरतलब है कि महुआ मोइत्रा का यह जवाब हीरानंदानी के हलफनामे के तुरंत बाद आया,जिसमें दावा किया गया था कि तृणमूल कांग्रेस सांसद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाना बनाने के प्रयास में अडानी समूह के मुद्दे पर सवाल उठाने के लिए उन्हें अपनी ईमेल आईडी दी थी। दर्शन हीरानंदानी पर आरोप है कि उन्होंने कथित तौर पर अडानी समूह के बारे में संसद में सवाल उठाने के लिए तृणमूल सांसद महुआ मोइत्रा को पैसा दिए थे।
